AABSLM

हमारी साइट में अपने समाचार सबमिट के लिए संपर्क करें

मानसून की पहली बारिश नहीं झेल पाई सफीदों नगरी

                         किसानों में खुशी तो नगरीय जीवन बदहाल  हर सड़क, गली व मौहल्ला पानी से लबालब


चौपट निकासी व्यवस्था से लोगों में देखने को मिला रोष

ABSLM 30/6/2022  एस• के • मित्तल   

सफीदों,        वीरवार को सफीदों क्षेत्र में जोरदार बारिश हुई। यह बारिश जहां किसानों के लिए खुशी लेकर आई है, वहीं इसने नगरीय जीवन को बदहाल करके रख दिया है। हालांकि इस बारिश ने लोगों को उमड़ भरी गर्मी से भारी राहत दी है। वीरवार अल सुबह ही नगर व आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हो गई थी। धीरे-धीरे इस बारिश ने गति पकड़ी और सारा दिन झमाझम बारिश होती रही। बारिश के कारण पूरे नगर के प्रमुख मार्गों, गलियों व मौहल्लों में भारी पानी जमा हो गया।


यहां तक कि बारिश का पानी लोगों के घरों व प्रतिष्ठानों में घुस गया। लोगों अपने घरों व दुकानों से पानी निकालते हुए नजर आए। नगर की पुरानी अनाज मंडी, नई अनाज मंडी, रेलवे रोड़, महात्मा गांधी रोड, नया बस स्टैंड रोड़, रेलवे रोड़, घोड़ापूली रोड़ के अलावा चारो ओर पानी ही पानी नजर आ रहा था। सबसे ज्यादा मुश्किल नीचले इलाकों के रहने वाले लोगों को आई। बारिश के पानी में से निकलने के दौरान वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई दुपहिया वाहन तो पानी में से निकलते हुए बंद हो गए तथा लोग उन्हे पैदल ही खिंचते हुए नजर आए। बदहाल निकासी व्यवस्था को लेकर लोग पालिका को कोसते हुए नजर आए। लोगों का कहना था कि नगरपालिका कर्मचारियों का नगर की निकासी व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं है। 

पालिका को यह पता होने के बावजूद की मानसून का सीजन आ रहा है लेकिन फिर भी इसकी कोई तैयारी नहीं की गई। सफीदों की लगभग सभी नाले-नालियां गंदगी से भरे पड़े है। आज मानसून की पहली बारिश ने ही पालिका की पोल पूरी तरह से खोलकर रख दी है। नगर में जमा पानी का लेवल नीचे उतरने का नाम नहीं ले रहा है। जहां बारिश ने लोगों की मुश्किले बढ़ाई तो जरूर वहीं उनको राहत भी प्रदान की है। पिछले काफी दिनों से लोग गर्मी से परेशान थे तथा पिछले दो दिनों से गर्मी के हालात अत्यंत गंभीर थे। इसके साथ-साथ यह बारिश क्षेत्र के किसानों के लिए भी खुशी का पैगाम लेकर के आई है। सफीदों उपमंडल क्षेत्र में भीषण गर्मी के कारण रोपी गई धान की फसलें सूखने लगी थी। बारिश ना होने की स्थिति में भी करीब एक तिहाई क्षेत्र में धान की फसलें किसानों ने रोप तो दी थी लेकिन ये सूखने लगी थीं। वीरवार को हुई बारिश ने एक बार तो खेतों को पानी से भर दिया है। इस हुई बारिश से धान की रोपाई के कार्य में भी काफी तेजी आने की संभावनाएं हैं।
 
फोटो कैप्शन 2,3,4 व 5: नगर की सड़कों पर भरा पानी और उसमें से निकलते हुए वाहन। 

निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है