ABSLM 28/2/2023 एस• के• मित्तल
सफीदों, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को सफीदों पहुंचकर सरपंचों के धरने को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर उनके साथ सफीदों के विधायक सुभाष गांगोली व सरपंच एसोसिएशन के ब्लाक अध्यक्ष निरवैर सिंह खरकड़ा विशेष रूप से मौजूद थे। अपने संबोधन में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वे खुद और पूरी कांग्रेस पार्टी प्रदेश के सरपंचों के साथ खड़ी है। हरियाणा विधानसभा में बतौर विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस मामले को पूरजोर तरीके से उठा रहे है और वे स्वयं अब इस मामले को राज्यसभा में जल्द उठाएंगे। इसके लिए उन्होंने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में पंचायती राज प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण होती है लेकिन प्रदेश की खट्टर सरकार इस प्रणाली को तानाशाही रवैये से नेस्तनाबूद करने पर तुली हुई है। जनता इस विश्वास के साथ सरपंचों को चुनकक भेजती है कि उनके गांवों का विकास होगा लेकिन हरियाणा सरकार ने चुनी हुई ग्राम पंचायतों के अधिकारों में कटौती वाली व्यवस्था लागू कर दी है। हरियाणा सरकार द्वारा थोपे गए ई-टैंडरिंग कानून के कारण पंचायतें अपने स्तर पर गली-नाली तक नहीं बनवा पाएंगी। इस प्रकार के कानून से ग्रामीण विकास पूरी तरह ठप्प जाएगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था तार-तार हो जाएगी। ऐसा करके हरियाणा सरकार जनता द्वारा चुने हुए सरपंचों से गांव में विकास कार्य करवाने का अधिकार ही नहीं छीन रही, बल्कि उन्हें अफसरशाही के अधीन करना चाहती है। हरियाणा सरकार के इस फैसले के खिलाफ और पंचायतों के अधिकार बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में सरपंचों को सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह हठधर्मिता को त्यागकर सरपंचों की मांगों को तत्काल प्रभाव से माने। सरपंचों के अधिकारों को वापिस लौटाकर उनके मान-सम्मान की रक्षा करें। अगर सरकार ने अपनी तानाशाही को बंद नहीं किया तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरेगी।


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