ABSLM 18/1/2024 एस• के• मित्तल
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सफीदों,राष्ट्रीय गौशाला धड़ौली में गौवंश के कंकाल की वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में बुधवार को गौशाला में एक बैठक हुई। बैठक में गौशाला के प्रधान सुधार देशवाल व गांव के सरपंच सुनील आर्य सहित काफी तादाद में गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। बैठक में इस वीडियों को लेकर चर्चा हुई। चर्चा के उपरांत निर्णय लिया गया कि वीडियों की सच्चाई जानने व शांति स्थापित करने के लिए आगामी 21 जनवरी को प्रात: 11 बजे एक पंचायत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय गौशाला धड़ौली के प्रधान सुधार देशवाल ने हरियाणा व जिला जींद की गौशाला कमेटियों को इस पंचायत में पहुंचने का आह्वान किया। सुधार देशवाल ने कहा कि राष्ट्रीय गौशाला धड़ौली विवादास्पद विडियो जारी होना बेहद दुखदायी है। इस संबंध में आसपास के गण्यमान्य लोगों की एक आपातकालीन बैठक बुधवार को गौशाला प्रांगण में बुलाई गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि विडियो की सच्चाई जानने के लिए एक पंचायत का आयोजन 21 जनवरी को प्रात: 11 बजे गौशाला प्रांगण में आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में इस विवाद के बारे में बारिकी से विचार-विमर्श किया जाएगा व आसपास शांति स्थापित करवाने का प्रयास किया जाएगा।
क्या था मामला
राष्ट्रीय गौशाला धड़ौली की गौवंश के कंकाल की वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। इस वीड़ियों के वायरल होने के बाद मंगलवार को गौशाला के बाहर गौशाला के प्रबंधकों के खिलाफ सैंकड़ों की संख्या में गौसेवक आ डटे। इनमें आसपास के इलाकों के अनेक युवाओं के इलावा ऐसी वीडियो बनाकर इसे वायरल करने वाला ढिल्लों बॉक्सर, गन्नौर के सतनाला गांव का राहुल, भिवानी क्षेत्र का गौसेवक कालू कुंंडल व राजस्थान के टोंक जिला के भी कई लोग शामिल थे। इस वीडियों के वायरल होने व गौभक्तों के एकत्रित होने से गांव में तनाव स्थिति पैदा हो गई। तनाव को देखते हुए गांव में व्यापक पुलिस बल तैनात रहा। गौभक्तों का आरोप था कि प्रबंधकों ने गौशाला को बूचखाना बना दिया है जहां मृत गौवंश को दफनाने की बजाय उसके शरीर का सौदा किया जा रहा है। राष्ट्रीय गौशाला धडौली में परंपरागत मकर संक्रांति का उत्सव 14 जनवरी को मनाया गया था। इसमें भाग लेने को आए गन्नौर क्षेत्र के सतनाला गांव के राहुल ने गौशाला परिसर में एक गोवंश का धड़ से अलग सिर व वहां हड्डियों का ढेर देखा तो इसकी वीडियो बना ली और इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। वॉयरल हुई वीडियो के हवाले से सफीदों की पिल्लूखेड़ा पुलिस ने थाना प्रभारी उपनिरीक्षक बीरबल सिंह के बयान पर इस गौशाला के अज्ञात कर्मचारी पर गौसंरक्षण अधिनियम की धारा 13(1) व 13(3) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए के तहत मामला दर्ज कर लिया था।
क्या कहते हैं गुरूकुल कालवा के आचार्य राजेंद्र
इस बैठक में पहुंचे गुरूकुल कालवा के आचार्य राजेंद्र ने कहा कि आज गऊमाता की बहुत दुर्दशा है। अगर कोई गाय किसी खेत की मेड पर भी चढ़ जाए तो उसे जेली-गंडासी व लाठियों से पीट-पीटकर घायल कर दिया जाता है। अगर कोई गाय या कोई गौवंश कहीं पर घायल हो जाए तो उसके लिए तत्काल गौशालाओं पास फोन कर दिया जाता है। लोग अपने स्तर पर उसकी कोई सेवा संभाल नहीं करते। लेकिन जब गऊ मर जाती है तो उन लोगों के वह मां बन जाती है और वे लोग मामले को तूल देते हैं। इस प्रकार के मामले में लोगों को भावावेश में नहीं आना चाहिए। इस धडौली गौशाला में करीब 4000 हजार गौवंश है। कल गौशाला के बाहर 500 लोग जमा हो गए थे, अगर वे लोग इतने ही बड़े गौभक्त है तो वे अपने साथ इस गौशाला से 8-8 गऊओं को अपने साथ ले जाए और उनकी सेवा संभाल करें। अगर वे लोग ऐसा करते हैं तो वे उन लोगों को प्रति गाय 100-100 रूपए महीना भी देंगे। जो लोग ज्यादा गौभक्त व गौसेवक बनते हैं उनको चाहिए कि वे गौशालाओं में आकर समय दें और गऊओं की सेवा करें और अपने-अपने घरों में गौपालन करें। खाली बातें करने से समस्या का हल होने वाला नहीं है। आचार्य राजेंद्र ने कहा कि जब तक जीवित है वह हमारी माता है लेकिन प्राण निकलने के बाद किसी को कोई नहीं होता।
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क्या कहते हैं गौसेवा आयोग के चेयरमैन
इस मामले में हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि इस मामले में शासन व प्रशासन गंभीर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच में जो कुछ सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में हडवारा सिस्टम समाज के द्वारा मान्य नहीं है। सरकार व आयोग के इस समस्या के समाधान को लेकर विचार कर रहा है। गौवंश को समाधि देने की योजना पर पूरी गहनता से कार्य हो रहा है।
फोटो कैप्शन17एसएफडीएम5.: जानकारी देते हुए गुरूकुल कालवा के आचार्य राजेंद्र।
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