| रेल भवन में आज भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अम्बेडकर का 122वां जन्मोत्सव मनाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रेलवे बोर्ड अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारी एसोसिएशन द्वारा किया गया। इस अवसर पर रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल, मुख्य अतिथि थे। रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी, मुख्य संरक्षक, अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एसोसिएशन और संसद सदस्य श्री के. एल. बैरवा और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनय मित्तल तथा अन्य बोर्ड सदस्य भी उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि डॉक्टर अम्बेडकर के विचारों ने देश में क्रांति लाई और डॉक्टर साहब ने कमजोर लोगों के उत्थान की दिशा में कार्य किया। श्री बंसल ने बताया कि डॉक्टर अम्बेडकर ने स्वयं अपने जीवनकाल में भेदभाव का दर्द सहा और भारतीय समाज की इस बुराई को दूर करने के लिए कठिन प्रयास किया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र तभी प्रगति कर सकता है जब यह मनुष्य के बनाए हुए भेदभावों को समाप्त करता है। श्री बंसल ने कहा कि चाहे हम सरकार में हों या सरकार से बाहर हम सभी को डॉक्टर अम्बेडकर के संदेश को आगे ले जाना चाहिए। रेल मंत्री श्री बंसल ने कहा कि डॉक्टर अम्बेडकर ने सभी के लिए शिक्षा की महत्ता पर जोर दिया। रेलमंत्री ने कहा कि हम सभी को अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए और राष्ट्र निर्माण के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए। इस मौके पर रेल राज्य मंत्री श्री अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सभी मनुष्य एक हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाज जाति और उपजाति में विभाजित है। श्री चौधरी ने कहा कि कमजोर वर्ग के लोग अब सशक्त हो रहे हैं और उन्होंने अपनी मानसिक शक्ति और योग्यता को दिखाते हुए यह सिद्ध किया है कि हम किसी से कम नहीं। अपने संबोधन में रेल बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनय मित्तल ने कहा कि डॉक्टर बीआर अम्बेडकर भारतीय संविधान के निर्माता थे और बहुआयामी योग्यताओं से परिपूर्ण थे। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक और संसद सदस्य श्री के. एल. बैरवा ने उम्मीद जताई कि रेलवे करीब 4 लाख की संख्या वाले अपने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखना जारी रखेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने डॉक्टर बीआर अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। |

No comments:
Post a Comment
निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है