तीरथ ने कहा, ``सड़कों पर रहने को मजबूर बच्चों को हिंसा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। लिहाजा विभिन्न पक्षों द्वारा उन पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।'' बै"क में 33 देशों से 21 मंत्रियों सहित करीब 200 प्रतिनिधि आए थे। तीरथ ने कहा कि पहली उच्च-स्तरीय बै"क में 2010 का बीजिंग घोषणा-पत्र अपनाया गया था जिसमें बाल अधिकारों को हकीकत में बदलने के लिए कई प्रतिबद्धताएं तय की गयी थीं। उन्होंने कहा कि दूसरी उच्च-स्तरीय बै"क का मकसद इस बात का आकलन करना है कि पहली बै"क के बाद से अब तक कितनी प्रगति हुई। तीरथ ने कहा कि अगले दो दिनों तक चलने वाली चर्चा में तीन अहम मुद्दों - बचपन के शुरूआती दिन, विकास और युवावस्था तथा शहरीकरण पर चर्चा की जाएगी।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
.jpg)
निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है