सरकार ने देश की सभी ग्राम पंचायतों से इस साल जनवरी और अगले महीने फरवरी में किसी भी दिन लोगों से सम्बंधित आर्थिक कार्यक्रमों के बारे में विशेष ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने के लिए कहा है।
सरकार ने जोर दिया है कि इन बैठकों में कृषि, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस), पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष (बीआरजीएफ), जल-संभर, भू-संरक्षण, सिंचाई, विद्युतीकरण, हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, लघु एवं सूक्ष्म उद्यम आदि से संबंधित कार्यक्रमों के प्रभारी मौजूद रहें।
जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी बैठकों की तारीखों के अनुसार तालमेल बनायेंगे ताकि सभी ग्रामसभा की बैठकों में उपरोक्त पदाधिकारी भाग ले सकें। उक्त सभी विभागों, योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभारी ग्रामसभा की बैठकों में अवश्य हिस्सा लें क्योंकि इससे इन योजनाओं की गति में सुधार होगा और कार्यक्रमों में पारदर्शिता भी आयेगी तथा कार्यक्रामों का परिणाम अधिक प्रभावी रूप से निकल कर आयेगा। ग्राम पंचायतों से ब्लॉक और जिला प्रशासन के सहयोग और खासतौर से किसी मामले में रहें असहयोग की रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है।
विशेष ग्रामसभा बैठकों का उद्देश्य, ग्रामसभाओं को अधिक सक्रिय बनाने के साथ-साथ लोगों को अधिकार सम्पन्न और पंचायतों को जवाब देह बनाना है।
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