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यदि जनता जागरूक हो तो अचानक आई हुई आपदाओं से बचा जा सकता है



सिरसा, 12 अगस्त।    यदि जनता जागरूक हो तो अचानक आई हुई आपदाओं से बचा जा सकता है तथा जान माल की हानि को भी कम किया जा सकता है। 
     उक्त विचार स्थानीय पंचायत भवन में आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री भगवाना राम शर्मा ने आपदा प्रबंधन बारे दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अपने सम्बोधन में व्यक्त किए।
    उन्होंने प्राकृतिक व अन्य प्रकार से आने वाली आपदाओं के दौरान पूर्व में किए जाने वाले प्रबंधो व तौर तरीको के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने  प्राकृतिक रुप से आने वाले आपदा जैसे भूकम्प, बाढ़, तुफान, सुनामी, अकाल तथा अन्य प्रकार की आपदा जैसे आगजनी, सांप के काटना, हार्ट अटैक आदि के बचाव के बारे में जानकारी दी।   उन्होंने भूकम्प आने पर  किए जाने वाले तरीको के बारे में विस्तार से बताया। भुकम्प आने पर घर से बाहर खुले स्थान पर निकल जाए, भगदड़ न मचाए,  घर से निकलने में दिक्कत आ रही हो तो दीवार के साथ बैठ जाए, धैर्य रखे, मदद करने के लिए आने वाले लोगो का इंतजार करें आदि के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने  बताया कि बाढ़ दो प्रकार से आती है, प्राकृतिक रुप से या मैन मेड , नदी आदि के टुटने से। बाढ़ के दौरान जगह छोड़  दे। जरुरी कागजात हो उन्हे सुरक्षित स्थान पर इकट्ठा करे, सामान को ऊंचाईपर रखे। बिजली के बटन आफ कर दे। घर की खिड़कियों व दरवाजों को बंद कर दे, पानी की टंकी व टयुबवैल को ढक दे, पीने का पानी साथ रखे, खाद्य सामग्री व दवाईयों की किट भी सुरक्षित करके रखे। उसके साथ ही अपने आप को कंट्रोल करे। बाढ़ के दौरान कुएं के पानी का प्रयोग न करे। बाढ़ में पैदल न जाएं।  प्रशासन द्वारा दी जाने वाली मदद का सद्पयोग करे। उन्होंने कहा कि तृतीय व चत़र्थ श्रेणी के कर्मचारियों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण दिया जाए।  उन्होंने बताया कि बाढ़ खत्म होने पर घर में तब तक न जाए जब तक प्रशासन से कोई हिदायत न मिले।   

     इस अवसर पर जिला फायर अधिकारी श्री जगदीश गिल  ने आगजनी के बारे में बताया कि रसोई में एक सिलेंडर ही रखें । सुरक्षा पाईप को जांचते रहे। आग लगने पर गीला कपड़ा डाले , आग लगने पर गली को खाली करवाए तथा कूलर व फ्रज का बटन बंद करदें। सेफ्टी सिलेंडर रखें। उन्होंने कहा कि अग्रिशमन व आपदा सेवाओं का दूरभाष नम्बर रखें। सिलेंडर की सील हटाकर प्रयोग करें।  उन्होंने बताया कि आग लगने पर घुटने व कुहनियों के बल रेंगते हुए जाएं ताकि आग के धुएं का प्रभाव न डल सके। 
    प्रशिक्षण शिविर में  जिला प्रशिक्षण अधिकारी रैडक्रास श्री गुरमीत सैनी ने हार्ट अटैक व अन्य आपदाओं की जानकारी दी व उनके उपचार के तौर तरीके बताए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय घबराना नहीं चाहिए। बल्कि दिल को चट्टान की तरह मजबूत रखना चाहिए।  इस अवसर पर   विभिन्न विभागों के कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित थे।

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