AABSLM

हमारी साइट में अपने समाचार सबमिट के लिए संपर्क करें

आर्थिक सर्वेक्षण : मुख्य बिंदुएं



Date: 27/02/2015  


नई दिल्ली, 27 फरवरी । वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2014-15 की प्रमुख बिंदुएं इस प्रकार हैं :

- भारतीय रेल की संरचना, वाणिज्यिक पद्धति और प्रौद्योगिकी में सुधार करने की सिफारिश।

- विकास और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए रेलवे में अधिक सरकारी निवेश।

- 2011-12 के बाद से आठ प्रमुख उद्योगों की विकास दर औद्योगिक विकास दर से अधिक।

- औद्योगिक विकास बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए गए।

- सरकार वित्तीय घाटा कम करने के लिए प्रतिबद्ध, राजस्व बढ़ाना एक प्राथमिकता।

- देश को अतिरिक्त वित्तीय स्थान बनाने की जरूरत।

- पुरुष साक्षरता 80.9 फीसदी, महिला साक्षरता 64.6 फीसदी।

- मेक इन इंडिया और स्किलिंग इंडिया के बीच संतुलन की जरूरत, कौशल विकास और रोजगार प्रमुख चुनौतियां।

- 2014-15 में (जनवरी तक) खाद्य सब्सिडी खर्च 1,07,823.75 करोड़ रुपये, एक साल पहले के मुकाबले 20 फीसदी अधिक।

- सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने और लाभार्थियों को बेहतर तरीके से लक्षित करने से कृषि में सरकारी निवेश के लिए संसाधन तैयार होंगे।

- कृषि उत्पाद के लिए राष्ट्रीय साझा बाजार तैयार होंगे।

- निवेश का माहौल बेहतर करने के लिए सरकारी निवेश में फिर से तेजी लानी होगी।

- अप्रैल-दिसंबर 2014-15 में महंगाई में गिरावट का रुझान, औसत डब्ल्यूपीआई महंगाई दर घटकर 3.4 फीसदी, जो एक साल पहले समान अवधि में औसत छह फीसदी थी, डब्ल्यूपीआई खाद्य महंगाई दर घटकर 4.8 फीसदी, जो एक साल पहले समान अवधि में 9.4 फीसदी थी, सीपीआई महंगाई दर 5 फीसदी के रिकार्ड निचले स्तर पर, जो गत दो साल में 9-10 फीसदी थी।

- खाद्य महंगाई कम करने की सरकारी कोशिश और कच्चे तेल के मूल्य में लगातार गिरावट के कारण महंगाई दर में गिरावट।

- अनाज उत्पादन 2014-15 में 25.707 करोड़ टन अनुमानित। यह गत पांच साल के औसत अनाज उत्पादन से 85 लाख टन अधिक रहेगा।

- कृषि और संबद्ध क्षेत्र जीडीपी में 18 फीसदी योगदान करेंगे।

- 14वें वित्त आयोग से वित्तीय संघवाद को मिलेगा बढ़ावा।

- प्रौद्योगिकी स्टार्टअप क्षेत्र में काफी तेज विकास।

- गांवों में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं की पहुंच से मेक इन इंडिया मिशन को मिलेगा बल।

- इलेक्ट्रॉनिक वीसा से पर्यटन क्षेत्र में आएगी तेजी।

- 2015-16 में आठ फीसदी से अधिक विकास दर अनुमानित।

- दहाई अंकों में विकास दर अब संभव।

- जनादेश सुधार के लिए और बाहरी माहौल जोखिम रहित।

- व्यापक सुधार की गुंजाइश।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है