abslm -3/02/2015
बागवानी को बढ़ावा देने के उद्ेदश्य से राज्य सरकार द्वारा किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत आकर्षक अनुदान सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है।
इस बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त श्री निखिल गजराज ने बताया कि किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए पानी सरंक्षण करने हेतु तालाब बनाने के लिए शत प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। सामुदायिक तालाब पर ईकाई लागत प्रति परियोजना 22 हजार से 20 लाख रूपये तक आती है जोकि शत प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त व्यक्तिगत टैंक पर ईकाई लागत प्रति परियोजना डेढ लाख से एक लाख 80 हजार रूपये आती है। जिस पर 50 प्रतिशत यानि 75 हजार से 90 हजार रूपये तक अनुदान राशि उपलब्ध करवाईजाती है। उन्होंने बताया कि सरंक्षित खेती के लिए पाली, नेट, टनैल हाऊस, मलचिंग, प्लास्टिक टनैल तथा पौधारोपण सामग्री आदि के लिए विशेष अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि पाली, नेट, टनैल हाऊस पर प्रति परियोजना 400 से 1219 प्रति वर्ग मीटर पर 65 प्रतिशत यानि 10.40 लाख से 31 लाख 69 हजार रुपये प्रति 4 हजार वर्ग मीटर अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि मलचिंग के लिए प्रति ईकाई लागत प्रति परियोजना 32 हजार से 36 हजार 800 रुपये पर 16 हजार से 18 हजार 400 रुपये प्रति हैक्टेयर अधिकतम सीमा 2 हैक्टेयर तक अनुदान दिया जाता है। इसी प्रकार प्लास्टिक टनैल व पौधारोपण सामग्री पर 50 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया की टिशू कल्चर यूनिट स्थापित करने पर ईकाई लागत प्रति परियोजना 2.5 करोड़ रुपये आती है जिस पर 40 प्रतिशत यानि एक करोड़ रुपये प्रति ईकाई अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अतिरिक्त बीज प्रसंस्करण यूनिट ईकाई लागत प्रति परियोजना 2 करोड़ रुपये आती है जिसपर 50 प्रतिशत यानि एक करोड़ रुपये प्रति ईकाई अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि पौधा स्वास्थ्य क्लीनिक, पत्ता परीक्षण प्रयोगशाला व जैव निरीक्षण प्रयोगशाला ईकाई लागत प्रति परियोजना 25 लाख से 90 लाख रुपये तक आती है जिस पर 50 प्रतिशत यानि 12.50 लाख रुपये से 45 लाख रुपये प्रति ईकाई अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। गुण नियंत्रण प्रयोगशाला ईकाई लागत प्रति परियोजना 2 करोड़ रुपये आती है जिनपर 50 प्रतिशत यानि एक करोड़ रुपये प्रति ईकाई अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षकों, उद्यमियों एवं मालियों के कोर्स करने पर 1500 रुपये भत्ता प्रति छात्र प्रति माह प्रदान किया जाता है तथा प्रशिक्षण व प्रभावन दौरा मुफ्त करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि मधु मक्खी ब्रीडर ईकाई लागत प्रति परियोजना 10 लाख रुपये आती है। जिनपर 40 प्रतिशत यानि 4 लाख रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। मधु मक्खी बक्से एवं छत्ते, मधु मक्खी पालन औजार आदि 40 प्रतिशत अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाएं जाते हैं। उन्होंने जिला के किसानों से आग्रह किया है कि वे बागवानी को बढ़ावा दें तथा अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी से सम्पर्क करें।

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