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बाबा साहब डा० भीमराव अम्बेडकर जी के 62 वें परिनिर्वाण दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि एवं शत-शत हृदय से नमन

ABSLM 06-12-2017

आधुनिक भारत के निर्माता , प्रथम कानून मंत्री, महान अर्थशास्त्री, दलितों , शोषितों , पिछड़ों , वंचितों , मजलूमों बहुजनों  के मसीहा एवं महिलाओं के अधिकारों के रक्षक तथा अखण्ड भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले परमपूज्य बोधिसत्व  बाबा साहब डा० भीमराव अम्बेडकर जी के 62 वें परिनिर्वाण दिवस  पर भावभीनी श्रद्धांजलि एवं शत-शत हृदय से नमन करते हुए  मां शक्ति इंटरनेशनल  आर्गेनाइजेशन ने उनकी याद  में एक प्रोग्राम का आयोजन 20 विज्ञान लोक, आनंद विहार दिल्ली 92 में किया। डॉ भीमराव अंबेडकर जो कि हमारे भारत के संविधान निर्माता है। 

आज  दिल्ली डिस्ट्रिक्ट दिल्ली न्यायिक प्राधिकरण द्वारा ईस्ट दिल्ली कड़कड़डूमा के सहयोग से विज्ञान लोक की जनता को हमारे  कानून के अधिकार और कर्तव्य के बारे में बताया गया। मां शक्ति की चेयरपर्सन अनीता पंडित ने लोगों को बताया कि जिस तरीके से कानून में हमारे अधिकार है उसी तरह हमारे दायित्व है हमको उन को भी पूरा करना चाहिए। मां शक्ति के अध्यक्ष श्रीमती अनीता गुप्ता जो कि पेशे से वकील भी है उन्होंने भी जनता को उनके अधिकार और कर्तव्य के बारे में बताया। डॉ अतुल गुप्ता जो कि पेशे से एक डॉक्टर है उन्होंने भी डॉक्टरी पेशे में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए  यहां पर आए हुए सभी लोगों के साथ एक शपथ ली गई कि हम सभी अपने कानून के दायित्व को पूरा करेंगे l 

अंबेडकर जी खुद बहुत पढ़े-लिखे थे और वह चाहते थे कि सारा देश भी पढ़ें l उन्होंने शिक्षा पर बहुत जोर दिया l और वह चाहते थे कि देश का हर नागरिक शिक्षित हो और कानून के बारे में जाने और समझे l उनकी इसी सोच को रखते हुए लोग मां शक्ति ने लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में जागरुक किया l शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने दलितों को भी  समाज में स्थान दिलाने की दिलाने में अपना योगदान दिया l अंबेडकर जी  वह बहुजनों के मसीहा थे l पिछड़े और शोषित और दलितों के लिए उन्होंने संविधान में बहुत सारे प्रावधान रखें l महिलाओं के अधिकारों की रक्षा  के लिए भी उन्होंने कानून में प्रावधान रखा l अखंड भारत को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश की l  लीगल सर्विस अथॉरिटी में गरीब और महिलाओं को फ्री निशुल्क कानूनी सहायता और मदद देने का श्रेय भी अंबेडकर जी को जाता है l
 डॉक्टर अंबेडकर जी जो कि हमारे एक आदर्श हैं और उनके बनाए हुए संविधान को हम पालन करेंगे अपने अधिकारों के साथ साथ अपने कर्तव्यों का भी पूर्ण तरीके से पालन करेंगे इसकी शपथ लेते हुए लोगों ने भीमराव अरुंडेल अंबेडकर जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की  l 

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