AABSLM

हमारी साइट में अपने समाचार सबमिट के लिए संपर्क करें

गांव बुढ़ाखेड़ा में मेरा भविष्य मेरा निर्णय कार्यक्रम आयोजित स्कूली बच्चों से किए सवाल जवाब एसडीएम ने भविष्य को लेकर बताई कई जरूरी बातें

ABSLM  29/09/2021 एस• के• मित्तल : 

सफीदों उपमंडल के गांव बुढ़ाखेड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कैरियर काउंसलिंग जागरूकता कार्यक्रम मेरा भविष्य मेरा निर्णय का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि एसडीएम आईएएस डा. आनंद कुमार शर्मा व विशिष्ट अतिथि सिटी मजिस्ट्रेट जींद दर्शन यादव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीईओ पिल्लूखेड़ा रामनिवास वशिष्ठ ने की तथा संयोजन प्राचार्य ईश्वर सिंह प्राचार्य ने किया। इस कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुढ़ाखेड़ा, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुढ़ाखेड़ा व गांव रिटौली के स्कूल के बच्चों ने भाग लिया। एसडीएम डा. आनंद कुमार शर्मा एवं एचसीएस दर्शन यादव ने विद्यार्थियों को उनके कैरियर एवं भविष्य से संबंधित सवालों का जवाब दिया और अलग-अलग विषयों की जानकारी दी। 


यूट्यूब पर यह भी देखें सब्सक्राइब करें और अपने सभी दोस्तों को शेयर करें... सभी खबरों की अपडेट के लिए घंटी जरूर दबाएं... 
बच्चों ने आईएएस, डॉक्टर, एचसीएस, सीए, आईपीएस तथा आर्मी में सलेक्ट होने के बारे में सवाल पूछे और इन सवालों के बारे में एसडीएम ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि अब वो इंटरनेट गूगल से भी तैयारी कर सकते हैं। डॉ आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने कैरियर चुनने में सहायता करने के लिए हर विद्यालय में एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है और साथ एक पत्रिका बनाई गई है। नोडल ऑफिसर की सहायता से विद्यार्थी अपने भविष्य की पढाई एवं करियर के बारे में जानकारी ले सकते हैं। मेरा भविष्य मेरा निर्णय बच्चों के भविष्य को लेकर चलाया गया एक ऐसा अभियान है जो भविष्य में बच्चों को रोजगार से जुड़ी हुई समस्याओं से निजात दिलाएगा। उन्होंने बच्चों से आग्रह भी किया कि वे अपनी रूचि के अनुसार विषयों का चयन करें, ताकि आने वाले समय में कैरियर को लेकर उनको कोई समस्या ना आए। अगर उसके बावजूद भी कोई परेशानी आती है, तो वो अपने अध्यापकों व नियुक्त नोडल अधिकारियों से इस बारे जानकारी ले सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में बीईओ रामनिवास वशिष्ठ ने सुपर हंड्रेड स्किम के बारे में बताया जो सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए बेहतर विकल्प हैं। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

फोटो कैप्शन 3.: अतिथियों का स्वागत करते हुए बीईओ व प्राचार्य।

निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है