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नई शिक्षा नीति निजी करण एवं कृषि कानूनों के विरोध में अध्यापक संघ ने दिया धरना खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

abslm 27/9/2021 एस• के• मित्तल : 

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने सार्वजनिक क्षेत्र शिक्षा क्षेत्र के विस्तार, जनपक्षीय शिक्षा नीति लागू करने एवं अध्यापकों की समस्याओं का हल करने को लेकर सचिव शिक्षा विभाग हरियाणा के नाम प्रधान धर्मेंद्र सिंह की अगुवाई में एक ज्ञापन बीईओ दलबीर मलिक को सौंपा। ज्ञापन में अध्यापकों का कहना था कि स्कूली शिक्षा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पिछले कुछ समय से स्कूल खुलने के बाद भी ऑनलाइन काम तथा प्रशिक्षण का दबाव बनाया जा रहा है। लगभग डेढ़ वर्ष तक कोरोना महामारी के कारण छात्र विद्यालयों से दूर हैं। अध्यापकों को अधिक से अधिक छात्रों के बीच में रहने एवं उनकी पूर्व की कमजोरियों को दूर करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को रद्द किया जाए तथा एनपीएस को समाप्त करके ओपीएस लागू किया जाए। 

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किसान विरोधी तीनों काले कानून वापस लिए जाएं तथा लेबर कोड को समाप्त किया जाए। लंबे समय से प्रतीक्षित तबादला ड्राइव शीघ्र चलाया जाए। इस ड्राइव के कारण लगभग 800 नवपदोन्नत प्राचार्य एवं मुख्य अध्यापक सड़कों की धूल फांक रहे हैं। वर्ष 2017 में नियुक्त किए गए जेबीटी अध्यापक सथाई जिले के लिए बार-बार गुहार लगा रहे हैं। गैर शैक्षणिक कार्यों एवं ऑनलाइन का बोझ हटाया जाए। मॉडल संस्कृति स्कूलों में छात्रों की फीस के नाम से लूट बंद की जाए तथा शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की पालना सुनिश्चित करके पुस्तकें प्रदान की जाए। 2017 में नियुक्त एडहॉक जेबीटी एवं अतिथि अध्यापकों का नियमितीकरण करके समान काम समान वेतन लागू किया जाए। पदोन्नति, एसीपी, ब्लॉक वर्ष 2016-19 का एलटीसी का बजट एवं मेवात जिले सहित अध्यापक संघ के मांग पत्र में शामिल मांगों को हल किया जाए।

फोटो कैप्शन 5.: बीईओ को ज्ञापन सौंपते हुए अध्यापक।

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