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फसल अवशेष जलाने से बढ़ता है प्रदूषण का स्तर, जलाने की बजाए करें उचित प्रबंध : एसडीएम : अवशेष जलाने से सड़कों पर बढ़ता है एक्सीडेंट का खतरा : नायाब तहसीलदार

abslm 14/10/2021 एस• के• मित्तल :

सफीदों खंड के गांव में पहुंच कर डॉ आनंद कुमार शर्मा आईएएस ने किसानों को आह्वान किया कि वे फसलों के अवशेष जलाने की  बजाए फसल अवशेषों का उचित प्रबंध करें। फसल अवशेष जलाना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। इससे पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, जिस से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

एसडीएम डॉक्टर आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि किसानों को खरीफ फसल के अवशेषों को उचित प्रबंध की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। फसलों के अवशेष जलाने से पर्यावरण में प्रदूषण बढ़ता है। इस से भूमि की उपजाऊ शक्ति को बेहद नुकसान पहुंचता है।  उपजाऊपन कम होने से पैदावार भी कम होती है और भूमि में मित्र कीट भी खत्म होते हैं। 

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इसलिए सभी किसानों को चाहिए कि वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हो और फसलों के अवशेष जलाने की बजाए उसका उचित प्रबंध करें। सफीदों के नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा ने भी किसानों से कहा कि अवशेष जलाने से सड़कों पर एक्सीडेंट का खतरा रहता है और पेड़ भी जल जाते हैं, इससे पक्षियों पर बहुत बुरा असर पड़ता है, इसलिए सभी किसान पराली को चारे के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। एसडीएम डॉक्टर आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत जरूरी है कि हम सभी एकजुटता से प्रयास करते हुए इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इसमें किसान फसलों के अवशेष जलाने की बजाए उचित प्रबंधन करके पर्यावरण संरक्षण में पूरा सहयोग दें सकते हैं। 

फोटो कैप्शन 3.:  खेतों में एसडीएम वह नायाब तहसीलदार जायजा लेते हुए 
फोटो कैप्शन 4.: फसल अवशेषों में खेतों में लगी हुई आग 

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