ABSLM 14/12/2021 एस• के• मित्तल
सफीदों, केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों के वापिस ले लिए जाने की खुशी में सफीदों क्षेत्र के किसानों ने मंगलवार को नगर के बाजारों में विजयी जलूश निकाला। मंगलवार सुबह क्षेत्रभर के किसान नगर के खानसर चौंक गुरुद्वारा परिसर में एकत्रित हुए और वहां से टै्रक्टरों पर जलूश की शक्ल में बाजारों में निकले। इस दौरान किसान डीजे पर बज रहे गानों पर जमकर झूमे तथा जमकर पुष्पवर्षा की। किसानों का यह विजय जलूश नगर के प्रमुख बाजारों से होकर वापिस गुरूद्वारा परिसर में आकर संपन्न हो गया।
कई स्थानों पर किसानों ने चौंक-चौराहों पर जमकर आतिशबाजी भी की। अपने संबोधन में किसानों का कहना था कि यह आंदोलन दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन था। केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना राज्यों की मंजूरी व किसान संगठनों से बातचीत के पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए अंदर खाते तीन कृषि कानून बना दिए। जिनसे किसान व किसानी दोनों को खतरा था।
#यूट्यूब पर यह भी #देखें #सब्सक्राइब करें और #अपने सभी #दोस्तों को #शेयर करें... #सभी #खबरों की #अपडेट के लिए #घंटी #जरूर #दबाएं...
देश का जागरूक किसान सरकार की मंशा को भली भांति भांप गया और उसने किसान व किसानी को बचाने के लिए दिल्ली में मोर्चा डाल दिया। इस मोर्चे में सफीदों क्षेत्र के किसानों ने भी अपने-अपने टैंट लगाए हुए थे। इस आंदोलन में देश के तमाम किसानों, मजदूरों, व्यापारियों यहां तक के आम नागरिक ने भी अपना सहयोग तन-मन-धन से दिया। जिसकी बदौलत सरकार को झुकना पड़ा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं तीनों कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। किसानों ने कहा कि किसान अन्नदाता है और देश की शान है। कानून वापस लेने के फैसले से किसानों के साथ-साथ आमजन में भी भारी खुशी का माहौल है।
फोटो कैप्शन 7.: बाजारों में विजयी जलूश निकालते हुए किसान।
फोटो कैप्शन 8.: विजय जलूश में शामिल टै्रक्टर।
No comments:
Post a Comment
निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है