abslm LAXMAN SINGH 27/03/2022 दुबई, संयुक्त अरब अमीरात
आज (रविवार) को दुबई में जीआईसी का विधिवत शुभारम्भ होने के साथ ही भारत के बाद उसके दूसरे चैप्टर ‘दुबेई चैप्टर’ का भी शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए डॉक्टर वेद प्रकाश वैदिक में जीआईसी को मौजूदा समय की जरूरत बताया। वैदिक ने भारतीय उद्योगपतियों की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों से ना सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था सदृढ़ होगी बल्कि वंछित लोगों को उनका हक मिल सकेगा।
संस्था के अध्यक्ष अशोक ने देशभर से आएं प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए आने वाले समय में संस्था द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार इस शुरूआत को व्यक्ति हित से जोड़ कर देशहित से जोडऩे का काम किया जा रहा हैं।
संस्था के ग्लोबल अध्यक्ष संतोष मंगल ने बताया कि भारत और दुबई के बाद जीआईसी शीघ्र ही दुनिया के दूसरे देशों में अपने चैप्टर खोलने जा रहा हैं। संतोष मंगल ने बताया कि मई में ब्रिटेन, जून में अमरीका और जुलाई में सिंगापुर में जीआईसी के चैप्टर शुरू कर दिए जाएँगे। मंगल के अनुसार संस्था ने अपने लक्ष्यों में आर्थिक विकास और वंछितों को उनका हक दिलाने के काम को अपनी प्राथमिकता तय किया है। देश में नीतिनिर्धाताओं ने सालों से कई ऐसे प्रयासों से नीतियाँ बनाई लेकिन सत्यता यह है कि तमाम कोशिशों के बावजूद हम अपने समाज के उस वंछित तबके को न्याय नहीं दिला पाएँ है। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में और चिकित्सा के क्षेत्र में हमें बहुत काम करने की जरूरत हैं और इसीलिए जीआईसी ने अपनी प्राथमिकताओं में रखा है।
कार्यक्रम में पधारें अन्य प्रतिभागियों ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि हमारे देश का रसूख दुनिया भर में बढ़ा हैं लेकिन देश में अभी भी उन लोगों के लिए काम करने की जरूरत हैं जिनके लिए सरकारी योजनाओं तो हैं लेकिन उनको उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों नेम्स बात पर जोर दिया कि अब समय हैं जब हमें अपने देश और देशवासियों के लिए कुछ करने का यह सहीं समय हैं।
अशोक बुवानीवाला, भारत के अध्यक्ष, जीआईसी ने संगठन के संगठनात्मक दर्शन के रूप में 9 सूत्री एजेंडा पेश किया। ‘जीआईसी लक्ष्य प्राप्त करने के लिए भारतीय व्यापार की पशु भावना को अनलॉक करने के लिए 9 क्षेत्रों में केंद्रित कार्यक्रम, साझेदारी और प्रचार शुरू करेगा। इनमें उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय सामाजिक, पूंजी पर्यावरण, मीडिया, नैतिकता और लैंगिक मुद्दे शामिल हैं।
बृजेश मिश्रा - राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, और परोपकारी और पूर्व विधायक ने कहा कि जीआईसी लंबे समय से प्रतीक्षित $5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को प्राप्त करने में एक लंबा सफर तय करेगी क्योंकि इस सपने को साकार करने के लिए सभी आवश्यक तत्वों को पूरा किया।
एसोचम की पूर्व उपाध्यक्ष वंदना सिंह ने कहा, ‘एमएसएमई क्षेत्र देश को विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकता है, बेरोजगारी के जिन्न से निपट सकता है, और एक गतिशील और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक नवाचार इको-सिस्टम बना सकता है। इसमें भारत की विकास गाथा में बड़े पैमाने पर इक्विटी की पेशकश करके महिलाओं को सशक्त बनाने की जबरदस्त क्षमता है।

No comments:
Post a Comment
निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है