abslm 27/04/2022 एस• के• मित्तल
इसलिए बहुत जरूरी है कि आंखों को लेकर कोई लापरवाही न बरतें। आजकल बच्चों पर एक तो पढ़ाई का बहुत दबाव है, दूसरा गैजेट्स के बढ़ते चलन के कारण उनकी आंखों पर 'डिजिटल स्ट्रेसÓ काफी बढ़ रहा है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि माता-पिता उन्हें आंखों की देखभाल करने के लिए प्रेरित करें। उन्हें समझाएं कि पोषक भोजन, पर्याप्त आराम और गैजेट्स का सीमित इस्तेमाल आंखों को स्वस्थ रखने और बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी बनाए रखने के लिए कितना जरूरी है। बच्चे छोटे होते हैं, उस उम्र तक उनकी समझ विकसित नहीं हो पाती है, इसलिए यह माता-पिता का कर्तव्य है कि अपने बच्चों का ध्यान रखें। अगर बच्चों में निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं।
फोटो कैप्शन 3.: नेत्र जांच के लिए अस्पताल पहुंचे स्कूली बच्चे।
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