abslm 8/3/2023 एस• के• मित्तल
जींद, हिसार मंडल आयुक्त गीता भारती ने कहा कि कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां पर महिलाओं ने अपनी पहचान न बनाई हो। आज देश की राष्ट्रपति एक महिला है, जोकि हमारे लिए बड़े गर्व की बात है। महिलाओं के उत्थान व आत्मनिर्भरता की दिशा में अनेकों कार्य हुए हैं, जिनसे बदलाव आया है। इसी कड़ी में बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान की शुरुआत भी हरियाणा की धरती से हुई। इस अभियान में सबसे बड़ी भूमिका महिलाओं की रही है।ये विचार हिसार मंडल आयुक्त गीता भारती ने मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में हमेटी के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने लिंगानुपात के संतुलन में बेहतर कार्य करने वाली, बच्चों को शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली आंगनवाड़ी वर्कर को प्रशस्ति पत्र के साथ पुरस्कृत किया। इस दौरान उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार भी उपस्थित रहे। जिला महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी कुमारी सीमा प्रसाद ने मुख्यअतिथि का स्वागत किया। हिसार मंडल आयुक्त गीता भारती ने उपस्थित आंगनवाड़ी वर्कर व कर्मचारियों को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि शिरकत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। लंबे संघर्ष व जागरुकता से महिलाओं के जीवन स्तर में बदलाव आया है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।
बड़े से बड़े पद पर महिला विराजमान हुई हैं। सरकार की ओर से अनेकों कार्यक्रम महिलाओं के लिए चलाए गए हैं, जिनमें बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान भी एक हैं। उन्होंने कहा कि आज हर महिला यह प्रण लें कि वे बेटी को जन्म देने से न रोके, चाहें उन्हें किसी भी परिस्थिति का सामना क्यों न करना पड़े। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के प्रति लोगों की मानसिकता में बदलाव आया है। पहले जहां केवल लडक़ों के जन्म पर ही कूंआ पूजन होता था। अब सरकार की ओर से लड़कियों के जन्म पर भी कूंआ पूजन का आयोजन करवाया जाता है, जिससे समाज में लड़कियों के प्रति एक सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर को संबोधित करते हुए कहा कि आप जिस क्षेत्र से जुड़ी हैं, उसमें लड़कियों के जन्म से लेकर शिक्षा तक में आपकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि उनके 30 साल के सर्विस केरियर में 22 साल फिल्ड में सेवाएं दी हैं। उनका सबसे अधिक फोकस आंगनवाड़ी केंद्र व स्कूल पर रहा है। जब तक धरातल स्तर पर कार्यों का आंकलन नहीं किया जाता है तब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिलती है। उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं, जिनसे हमें महिलाओं की प्रतिभा व उनके हौसलों का पता चलता है। कल्पना चावला जिन्होंने प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है जो दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपना नाम स्थापित किया है। समानता के अधिकार के प्रति उन महिलाओं को जागरुक होना चाहिए, जोकि इसके लिए आज भी संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य कार्य करने वालों के खिलाफ एकजुट हों। उन्होंने कहा कि आज का युग डिजिटल का युग है। आज हमारी सोशल व इकनोमी टेकनॉलोजी से जुड़ी हुई है। महिलाओं को चाहिए कि वे इंटरनेट का इस्तेमाल करें। महिलाओं को भी डिजिटल एक्सेस में समानता के संदेश के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस का थीम डिजिट ऑल रखा है। इस अवसर पर एचएयू यूनिवर्सिटी से आई एचओडी आशा कवायत्री ने भी स्वास्थ्य से सम्बंधित अपने विचार प्रकट किए और उपस्थित महिलाओं को मोटे अनाज को अपनी दिनचर्या में अपनाने के फायदे बताए। उन्होंने इसके इसे अपने खान पान में शामिल करने के साथ बताया कि हम बाजरे जैसे मोटे अनाज से भी 500 अलग-अलग प्रकार के व्यंजन बना कर उसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कुमारी सीमा प्रसाद ने उपस्थित महिलाओं को अपने आपको फिट रखने, संतुलित एवं पोष्टिक आहार लेने एवं व्यायाम करने बारे बताया। उन्होंने कहा कि किस प्रकार एक स्वस्थ्य महिला एक स्वस्थ्य परिवार का आधार होती है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त के दिशा निर्देश में ही आज जींद जिला प्रदेश में कम लिंगानुपात में नम्बर एक पायदान पर पहुंच गया है। जिला महिला एंव बाल विकास अधिकारी ने कार्यक्रम में पहुंचने पर मण्डलायुक्त, उपायुक्त एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को बैज लगाकर सम्मानित किया।

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