खरीद एजेंसियों ने सामुहिक रूप से आढ़तियों का जारी किया पत्र

 

गेंहू का स्टाक खराब हुआ तो आढ़ती होगा जिम्मेदार
अपनी जिम्मेवारी से बचना चाहती हैं एजेंसियां: एसोसिएशन

abslm 29/4/2023 एस• के• मित्तल 

सफीदों,      सफीदों अनाज में उठान ना होने व गोदामों में जा रहे गेंहू के ट्रकों को रिजेक्ट किए जाने के विरोध में आढ़तियों द्वारा की गई तालाबंदी के बाद खरीद एजेंसियों ने अपना पल्ला झाड़ते हुए मंडी प्रधान को पत्र जारी करके कहा कि अगर मंडी में गेंहू का स्टाक खराब होता है तो उसकी सारी जिम्मेवारी आढ़तियों की होगी। खरीद एजेंसी एफसीआई, फूड एण्ड सप्लाई, वेयरहाऊस व हैफेड द्वारा सामुहिक पत्र जारी करके मंडी प्रधान को लिखा गया है कि मंडी द्वारा मंडी गेट पर धर्म कांटे से तोल करके लोड गाडिय़ा नहीं भेजी जा रही है। जिसके कारण से मंडी से उठान कार्य बाधित हो रहा है। एजेंसियों ने निर्देश दिए कि शीघ्र गेंहू उठान कार्य आरम्भ करवाए ताकि मंडी से उठान का कार्य सुचारू रूप से चलाया जा सके। मौसम विभाग द्वारा बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यदि मंडी के द्वारा उठान कार्य बाधित किया जाता है तो बारिश होने के कारण कोई स्टॉक खराब होता है तो उसकी सारी जिम्मेवारी आढ़तियों की होगी। आढ़ती अपनी दुकानों पर तिरपाल व क्रेटों का उचित प्रबन्ध रखे ताकि स्टॉफ को सुरक्षित रखा जा सके। खरीद एजेंसियों ने कहा कि मंडी में कुछ आढ़तियों द्वारा साफ-सुधरा करके गेंहू का उठान नहीं करवाया जा रहा जिसके कारण एफसीआई द्वारा गेंहू रिजेक्ट किया जा रहा है। इसके कारण से यदि कोई भी वित्तीय हानि होती है तो उसके आप स्वयं जिम्मेवार होंगे। इस पत्र के जारी होने के बाद आढ़तियों ने कहा कि सफीदों मंडी में 14 अपै्रल की खरीद की गेंहू पड़ी है। 

नियम तो यह है कि खरीद के 24 घंटे के अंदर किसान के खाते में उसकी फसल की पेमैंट होनी चाहिए और 72 घंटों के अंदर खरीदे गए गेंहू के बैगों का उठान होना चाहिए लेकिन मंडी में सभी नियम धराशायी हुए पड़े हैं और एजेंसियों को कहने-सुनने वाला कोई नहीं है। सारी की सारी मार आढ़ती पर डाली जा रही है। अगर समय पर गेंहू का उठान हो जाता तो ना तो आढ़ती और ना ही किसान को दिक्कत होती। आज आढ़ती परेशान इसलिए है कि गेंहू के बैगों का उठान नहीं हो रहा है और उसे इनका पहरा व रखरखाव करना पड़ रहा है और दूसरी तरफ किसान इसलिए परेशान है कि उसे उसकी फसल की पेमेंट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। जब तक गेंहू का उठान नहीं होगा तब तक किसान के खाते में पेमैंट नहीं हो पाएगी। अगर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है तो वे क्या कर सकते हैं। मंडी में इस वक्त लाखों की तादाद में गेंहू के बैग पड़े हुए हैं। जब सरकार और खरीद एजेंसियों द्वारा इन कट्टों का उठान करवाना बस की बात नहीं है तो आढ़ती इन लाखों कट्टों को किस प्रकार और कहां पर स्टोरेज कर पाएगा। जहां तक उनके बस में उन्होंने काफी गेंहू के बैगों को मंडी के शैडों के नीचे स्टेक में लगवा दिया है और काफी ओपन में फड़ों पर उठान की इंतजार में पड़ा है। खरीद एजेंसियां सिर्फ और सिर्फ अपनी जिम्मेवारी से बचना चाहती है, इससे अधिक कुछ भी नहीं है। इस मामले में मंडी प्रधान एडवोकेट कृष्ण गोपाल मित्तल का कहना है कि एजेंसियों ने अपनी जिम्मेवारियों से बचने के लिए यह पत्र जारी किया है, जोकि गलत है।
 
फोटो कैप्शन 30एसएफडीएम5.: आढ़तियों के द्वारा शैड में लगवाए गए गेंहू के बैग। 

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