महाकवि गोस्वामी तुलसीदास भक्ति, भारतीय सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने वाले महान संत थें

abslm 31/072025
महाकवि गोस्वामी तुलसीदास भक्ति, श्रद्धा, समरस्ता, आदर्श जीवन के प्रकाशपुंज, प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, मर्यादा और भारतीय सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने वाले महान संत थें। जिन्होंने “रामचरितमानस” जैसे दिव्य गं्थ की रचना की। ये शब्द लॉयन्स कल्ब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला स्थानीय ध्यान मंदिर में गोस्वामी तुलसीदास की जंयती पर भक्तों को संबोधित करते हुए कहें। उन्होंने कहा महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी की वाणी केवल साहित्य नहीं, वह भारत की आत्मा हैं, जिसने लोगों को भक्ति का सरल मार्ग दिखाया और रामराज्य के आदर्शों को जीवित रखा हैं। श्री साहुवाला ने कहा उनकी रचना सदैव श्रद्धा, भक्ति, धर्म, करुणा और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने वाले तुलसीदास जी की वाणी युगों तक पथप्रदर्शक बनी रहेगी और समरसता और संस्कृति का पथ प्रशस्त करती रहेगी। उन्होंने कहा गोस्वामी तुलसीदास ने हमे सत्य, विनय, विवेक पर चलना सिखाया तथा उन्होंने बताया कि श्री राम पर भरोसा रखने से हर विपदा दूर हो जाती है और हमारे मन को शांति मिलती हैं तथा घर में धन-सम्पदा की प्राप्ति होती हैं। श्री साहुवाला ने कहा उन द्वारा रचित मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्री राम के जीवन पर आधारित अद्वितीय रचना महान ग्रंथ रामचरितमानस और आपकी वाणी युगो-युगों तक लोकमानस को राम-मार्ग पर उन्मुख रखेगी। इससे पूर्व भावना राजपूत एवंम पायल सेतिया ने लॉयन्स कल्ब सिरसा अमर के अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला का स्वागत किया तथा स्वामी रमेश साहुवाला ने भगवान राम के जीवन पर प्रकाश डाला और सभी भक्तों को ध्यान विधि के माध्यम से समाधि में लेकर गए। इस अवसर पर विजय गोयल, संदीप, पवन कुमार, रंविद्र, नीलम, पारूल, अमर और रितुन उपस्थित थें।

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