मूवी रिव्यू
* ABSLM 29/11/2025
इस सप्ताह चुनिंदा सिनेमाघरों में रिलीज हुई यंग डायरेक्टर निहारिका साहनी की इस फिल्म में शायद पहली बार सिनेमा के बड़े पर्दे पर एक ऐसे सब्जेक्ट पर बनी फिल्म रिलीज हुई जिससे फिल्म मेकर्स हमेशा किनारा ही करते आए है जी हां, आज मीडिया की दौड़ में युवाओं की रातों रात सोशल मीडिया पर स्टार नहीं सुपर स्टार बन कर नाम और माल कमाने की चाहत को ‘आत्माराम लाइव" की स्टोरी का केंद्र बिंदु बनाया गया है। करीब ढाई घंटे की यह फिल्म युवा निर्देशिका निहारिका साहनी की पहली फीचर फिल्म है, मैं पर्सनली तारीफ करूंगा दिल्ली बेस निहारिका की जिन्होंने सीमित साधनों के साथ सभी नए कलाकारों को लेकर एक टोटली अलग किस्म का कंटेंट फिल्मी पर्दे पर प्रस्तुत कर दिखाया है।
स्टोरी प्लॉट
फिल्म की कहानी एक ऐसे स्ट्रगलर सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक छोटे से गांव से एक बड़े शहर में सोशल मीडिया का सुपर स्टार बनने का सपना लेकर आया है पिता ने बेटे को बी टेक की पढ़ाई यह सोचकर कराई कि बेटा अच्छा करियर बनाएगा, लेकिन बेटे जी शहर में एक कमरे का फ्लैट किराए पर लेकर पास की कालोनी में सब्जी बेचने वाले सरदार जी के बेटे के साथ वीडियो बनाकर लोड करता लेकिन हर बार नाकाम।इसी बीच उसके साथी सरदार जी के दादा जी की डेथ हो जाती है और वो अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट जाता है यहां आकर उसे आइडिया आता है कि क्यों न श्मशान के बैकग्राउंड पर ऐसी हॉरर वीडियो बनाई जाए जो भूतों की रहस्यमयी और डरावनी दुनिया के इर्द गिर्द हो। यही उसका एक पांव एक जली हुई चिता की राख पर पड़ जाता है और उसके एक बूट में चिता की राख के कुछ कण फंस जाते है। यही से शुरू होता है हास्य और हॉरर का ऐसा ड्रामा जिसके चक्रव्यूह में बेशक वो और उसके सरदार जी दोस्त बुरी तरह फस तो जाते है लेकिन सोशल मीडिया पर रातों रात स्टार बन जाते है। यही से चिता की राख के साथ एक आत्माराम को साथ ले आना इन दोनों की लाइफ का बंटाधार तो करता ही है और इनकी वजह से अपनी दादी की मौत से दुखी युवती वैष्णवी भी भूत प्रेत के चक्रव्यूह में घिर जाती है।
ओवर ऑल
निहारिका की इस फिल्म में सोशल मीडिया की व्यावहारिकता और युवा वर्ग में हर वक्त ऑनलाइन रहने की नई जीवनशैली पर सटीक व्यंग्य किया गया है। फिल्म के कई संवाद आपको गुदगुदाते है तो कुछ संवाद कुछ सोचने को भी बाध्य करते है।इस फिल्म को देखने के बाद आप भी महसूस करेंगे कि यंग डायरेक्टर
निहारिका की इस फिल्म का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन करना ही नहीं है, बल्कि नए कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाना भी रहा होगा तभी तो इस फिल्म का हर कलाकार नया है जो बतौर मेकर एक बेहद जोखिम भरा कदम है क्योंकि बिल्कुल नई कास्ट की फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर कमाऊ बनाना आसान नहीं होता । मेकर इस फिल्म को इंडिया के साथ साथ इंटरनेशनल रिलीज़ की तैयारी में है रीति रिवाजों के साथ जुड़ी कॉमेडी को हॉरर स्टाइल में ठीक ठाक ढंग से पेश किया गया है फिल्म के कई दृश्य आपको डराते है तो कुछ सीन हंसाते भी है , यही फॉर्मूला स्त्री सीरीज की फिल्मों में भी पेश किया गया
फिल्म सोशल मीडिया की लोकप्रियता को सटीक ढंग से पेश करने में काफी हद तक कामयाब रही है फिल्म की शुरुआत कुछ सुस्त है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म ऐसी रफ़्तार पकड़ती है जो फिल्म के क्लाइमेक्स तक दर्शकों को बांध कर रखने में कामयाब है ।
फिल्म का निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता निहारिका साहनी है संगीत अंकित दीपक तिवारी ने दिया है मुख्य भूमिका विट्ठल चड्ढा, आकाशदीप सिंह एवं अव्यना शर्मा ने निभाई है।


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