AABSLM

हमारी साइट में अपने समाचार सबमिट के लिए संपर्क करें

उपभोक्‍ताओं के हितों की रक्षा के लिए व्‍यापक अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मानकीकरण होना चाहिए



उपभोगता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनि‍क वि‍तरण मंत्री प्रोफेसर के.वी. थॉमस, ने आज भारतीय मानक ब्‍यूरो द्वारा आयोजि‍त 77वीं आईईसी की आम सभा के अपने अध्‍यक्षीय भाषण में भारतीय उद्योग से मानक वि‍कास प्रक्रि‍या के दौरान तकनीकी उपलब्‍धि‍यां सुनि‍श्‍चि‍त करने के लि‍ए अंतर्राष्‍ट्रीय मानक संस्‍थाओं के साथ सक्रि‍य संबंध बनाने को कहा।

आम सभा को संबोधि‍त करते हुए प्रोफेसर थॉमस ने कहा उपभोक्‍ताओं के हि‍तों के संरक्षण के लि‍ए मानक प्रमुख औजार हैं। वे एक ढ़ांचा नि‍र्धारि‍त करते हैं जहां जनता एक उत्‍पाद का उपयोग करते हुए सुरक्षि‍त और वि‍श्‍वस्‍त रह सकती है।

इस संदर्भ में यह महत्‍वपूर्ण हो जाता है कि‍ अंतर्राष्‍ट्रीय मानक सभी संबंधि‍त भागीदारों से जुड़े मसलों को कवर करते हुए व्‍यापक हों। मानक न केवल गुणवत्‍ता वाले उत्‍पाद की उपलब्‍धता को सुनि‍श्‍चि‍त करते हैं बल्‍कि‍ वे आवश्‍यकता अनुसार उसमें वि‍कास की पद्धति‍ को भी सुनि‍श्‍चि‍त करते हैं। उन्‍होंने कहा कि‍ इसीलि‍ए यह सरकार का दायि‍त्‍व है कि‍ एक स्‍वस्‍थ अर्थव्‍यवस्‍था के विकास और रख-रखाव के लि‍ए वह सभी भागीदारों के हि‍तों की प्रवाह करे।
आईईसी की इस बैठक में 100 देशों के 900 से अधि‍क प्रति‍नि‍धि‍ भाग ले रहे हैं। 

निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है