केन्द्रीय इस्पात मंत्री श्री बेनी प्रसाद वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पोलैंड की यात्रा की। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच इस्पात निर्माण और कोयला खनन क्षेत्र में संबंध मजबूत करना है। श्री वर्मा ने पोलैंड के उप प्रधानमंत्री, आर्थिक मंत्री श्री जानुएज पिशोंसिंस्की से 28 अक्टूबर, 2013 को वारसा में मुलाकात की।
श्री पिशोंसिंस्की से बातचीत में श्री वर्मा ने कहा, ''इस्पात क्षेत्र में भारत-पोलैंड सहयोग की व्यापक क्षमता है। भारतीय कंपनियां कोयला और इस्पात कारोबार में पोलैंड के संगठनों से सहयोग कर सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक दूसरे की विशेषज्ञता से काफी कुछ सीख सकते हैं।
इस्पात मंत्री ने भारत और पोलैंड में सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों के बारे में कहा कि पोलैंड की खनन कंपनियों के पास गहरे कोयला खानों के विकास और प्रचालन की तकनीकी जानकारी है। उन्होंने भारत में कोकिंग कोयला खानों का सतत और पर्यावरण हितैषी तथा स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी से विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, ''अगर पोलैंड की कंपनियां भारतीय कंपनियों को इसकी जानकारी दें तो इससे दोनों देशों को लाभ होगा।''
श्री पिशोंसिंस्की ने भारत के आर्थिक विकास की सराहना की और आईटी, कृषि और परिष्कृत खाद्य उत्पादों और भारतीय पेशेवर लोगों की खनन में प्रशिक्षण आदि में सुसंगत साझेदारी की चर्चा की। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारतीय कंपनियों ने पोलैंड में महत्वपूर्ण निवेश किया है और कहा कि वे चाहते हैं कि इसी तरह की और कंपनियां भी निवेश करें।
इस्पात मंत्री श्री बेनी प्रसाद वर्मा के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल में इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री जी. मोहन कुमार, इस्पात मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री यू.पी.सिंह और सेल के अध्यक्ष श्री सी. एस. वर्मा भी शामिल थे।
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