महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्णा तीरथ ने आज नई दिल्ली में शिक्षा का अधिकार कानून के तीन वर्ष पूरे होने पर दो दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। यह सम्मेलन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और युनिसेफ संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। इसमें शिक्षा का अधिकार कानून के कार्यान्वयन से जुड़े 300 प्रतिभागी और देशभर के अन्य हितधारक भाग ले रहे हैं।
श्रीमती कृष्णा तीरथ ने इस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून क्रांतिकारी कानून है। उन्होंने कहा कि इस कानून से निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की भावना का पता चलता है। यह 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के सभी बच्चों को निशुल्क और प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करता है।
श्रीमती तीरथ ने कहा कि यह कानून केंद्र और राज्य सरकारों को बच्चों के इस बुनियादी अधिकार के कार्यान्वयन का दायित्व सौंपता है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन को आयोजित करने का उद्देश्य शिक्षा का अधिकार कानून के कार्यान्वयन का संयुक्त रूप से अवलोकन करना है। इसका मकसद 1 अप्रैल, 2010 से प्रभावी इस कानून के लागू करने में हुई प्रगति की समीक्षा करना भी है।
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