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गृहमंत्री ने वामपंथी आतंकवाद की स्थित की समीक्षा की


केन्‍द्रीय गृहमंत्री 
श्री राजनाथ सिंह बैठक के दौरान आतंकवाद से निपटने में विभिन्न राज्यों द्वारा की जा रही कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। अन्य मुद्दों में वामपंथी आतंकवाद के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान, सड़क संपर्क और मोबाइल टावर लगाने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से बात हुई। 
गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार इस समस्या को सुलझाने के लिए सभी प्रयास करेगी। सभी प्रयास राजनीतिक प्रतिबद्धता और प्रशासनिक नेतृत्व के जरिए पूरे संतुलित तरीके से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इस समस्या से निपटने के लिए राज्यों के सुझावों पर सुसंगत और सकारात्मक कार्रवाई करेगी। इस समस्या से जुड़े हुए सभी पक्षों के आपसी विश्वास और प्रतिबद्धता से केन्द्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय हो पायेगा। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सड़क संपर्क और मोबाइल टावरों के जरिए संचार संपर्क की परियोजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा। 

गृहमंत्री ने राज्य सरकारों को केन्द्र और अन्य राज्य सरकारों के साथ तालमेल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बेहतर स्थानीय प्रशासन और नेतृत्व के लिए युवा, निडर और साहसी जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को उनकी नियुक्ति के शुरूआती वर्षों में यहां नियुक्त किया जाना चाहिए। आतंकवादियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास कार्यक्रम में बदलाव कर इसे उनके लिए और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए आपसी समन्वय और ठोस कार्रवाई काफी मददगार साबित होगी। 

इससे पहले, गृहसचिव श्री अनिल गोस्वामी ने बैठक के विषय का परिचय दिया। इसके बाद बैठक में भाग लेने वालों ने विस्तृत प्रेजन्टेशन दिए। इस बैठक में केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू, वामपंथी आतंकवाद से प्रभावित राज्यों (आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के अलावा केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों ने भी भाग लिया। 

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