नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने भाजपा की सरकार के एक महीने के कार्यकाल को बेहद निराशाजनक बाताया है। पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों पर लगे संगीन आरोपों तक पर चुप्पी साधे हैं। यही हाल रहा तो अपने काम की वजह से यह सरकार जल्द ही संप्रग-तीन के तौर पर जानी जाने लगेगी।
आप ने कहा कि जिस तरह संप्रग के शासनकाल में प्रधानमंत्री हर मामले पर चुप रहते थे, वही हाल इस सरकार का भी हो गया है। इनके मंत्री निहालचंद मेघवाल पर दुष्कर्म का आरोप लगा, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से शिक्षा को लेकर गलत शपथपत्र भरने का मामला सामने आया। इसी तरह एक और मंत्री वीके सिंह ने अपनी ही सेना के अगले प्रमुख को लेकर बहुत अपमानजनक बातें कहीं, लेकिन इन सब मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी साधे रहे।
आप ने एक बयान जारी कर कहा कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इतना रखने का वादा किया था, जिससे कि किसानों को उनकी लागत पर कम से कम 50 फीसद मुनाफा हो सके। यह बात भाजपा ने अपने घोषणापत्र में भी कही थी। लेकिन सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1310 रुपये से महज 50 रुपये बढ़ाए। यह तो मुद्रास्फीति का असर दूर करने के लिए भी पर्याप्त नहीं।
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