AABSLM

हमारी साइट में अपने समाचार सबमिट के लिए संपर्क करें

पाँच साल केजरीवालः 14 को शपथ लेंगे केजरीवाल



Date: 10/02/2015      


नई दिल्ली 10 फरवरी (सुनील, अनुपमा वीएनआई) आने वाले पांच वर्षों के लिए दिल्ली ने मोदी के साथ चलने के लिये इंकार कर दिया है, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 के ताजा परिणामों में आप पार्टी एक भारी जीत मिल रही है है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित हो गया है कि दिल्ली के अगले पांच साल केजरीवाल के होंगे,14 फरवरी को रामलीला मैदान में केजरीवाल शपथ ग्रहण करेंगे। जहां केजरीवाल ने अपनी जीत को आम आदमी की जीत बताया है, वहीं अंतिम परिणाम आने से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने जीत की बधाई दी और आश्वासन दिया कि दिल्ली के विकास के लिए उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।​

हालांकि मतदान के बाद आए सभी सर्वेक्षणों (एक्जिट पोल) में आप को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना जताई गई थी पर आप का प्रदर्शन सभी एक्जिट पोल से बेहतर रहा , है2013 में हुए चुनाव में भाजपा गठबंधन को 32 सीटें, आम आदमी पार्टी को 28 सीटें और कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं।

भारी बहुमत प्राप्त करने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ लेंगे. केजरीवाल ने दिल्ली में भारी जीत के बाद कहा कि यह जनता की जीत है, दिल्लीवालों ने कमाल कर दिया. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार आप के सभी निर्वाचित विधायक शाम पांच बजे कांस्टीट्युशन क्लब में मिलेंगे और केजरीवाल को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुनेंगे.

उधर दिल्ली विधानसभा चुनावों में बीजेपी के गढ़ कृष्णानगर से हारीं किरन बेदी ने कहा है कि यह उनकी नहीं, बीजेपी की हार है , एक टी वी चैनल के अनुसार बेदी ने कहा कि इस हार के लिए पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए। किरन बेदी यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने कहा कि कृष्णानगर में काम नहीं हुआ था, जबकि यह सीट लंबे समय से बीजेपी के पास ही रही है। इसके अलावा किरन बेदी ने यह भी कहा कि बीजेपी ने उन्हें सीएम कैंडिडेट बनाने के पैसे नहीं लिए, यह अपने आप में ऐतिहासिक है।

बेदी को आम आदमी पार्टी के एसके बग्गा ने करीब 2,500 वोटों से हराया है। किरन बेदी ने मीडिया के सामने आकर अपनी हार स्वीकार की। हालांकि, किरन बेदी ने खुद को उम्मीदवार बनाने का और उन्हें वोट देने वालों का शुक्रिया भी अदा किया। उन्होंने इसके साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के आखिरी कार्यकर्ता ने उन्हें जिताने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं। किरन ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है वह उसे निभाएंगी। 

निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है