Date: 12/02/2015
नयी दिल्ली, 12 फरवरी( सुनील,
अनुपमा जैन, वीएनआई)
दो विपरीत धुरो
पर खड़े , भारतीय
राजनीति के दो
शिखर पुरूषो के
बीच बहुचर्चित मुलाकात
आखिर आज हो
ही गयी. दिल्ली
विधान सभा के
हाल के तल्ख
चुनाव् प्रचार मे एक
दूसरे पर आरोप
प्रत्यारोपो के दौर
के बाद, चुनाव
मे अभूतपूर्ण बहुमत
प्राप्त दिल्ली के भावी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने
आज सुबह प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी से
उनके आवास 7-आरसीआर
पर ्मुलाकात की.संक्षिप्त सी इस
मुलाकात मे हालांकि
दोनो नेता मुस्करा
रहे थे लेक्न
माहौल मे औपचारिकता
ज्यादा, गर्मजोशी कुछ कम
सी नजर आई.जैसे ही
श्री केजरीवाल श्री
सिसोदिया के साथ
प्रधान मंत्री निवास के
अंदर पहुछे प्रधान
मंत्री नरेन्द्र मोदी ने
हाथ मिला कर
उनका अभिनंदन किय
और उन्हे फूलो
का गुल्दस्ता भेंट
किया. इस 'शिष्टाचार
मुलाकात' मे श्री
केजरीवाल ने दिल्ली
के लिए पूर्ण
राज्य का दर्जा
मांगा और उन्हें
शपथ ग्रहण समारोह
मे आने का
न्योता दिया. सूत्रो के
अनुसार हालांकि पूर्ण राज्य
के मुद्दे पर
श्री मोदी ने
कोई जवाब नहीं
दिया, लेकिन दिल्ली
के विकास को
लेकर पूरा सहयोग
करने का वादा
किया.
दिल्ली के भावी
डिप्टी सीएम मनीष
सिसोदिया भी इस
मुलाकात मे केजरीवाल
के साथ थे.
मुलाकात के बाद
मीडिया से बात
करते हुए श्री
सिसोदिया ने बताया,
'हमने प्रधानमंत्री से
कहा कि केंद्र
और दिल्ली दोनों
जगह पूर्ण बहुमत
की सरकार है.
इसलिए यह सुनहरा
मौका है जब
दिल्ली को पूर्ण
राज्य का दर्जा
दिया जाना चाहिए.
इस मौके पर
उन्होने प्रधान मंत्री को
आगामी 14 फरवरी को केजरिवाल
सरकार के शपथ
ग्रह्ण समारोह मे आने
के लियेभी निमंत्रित
किया, श्री सिसोदिया
ने ौकहा कि
प्रधानमंत्री ने दिल्ली
के विकास में
पूरा सहयोग करने
का आश्वासन दिया
है. लेकिन उन्होने,
केजरीवाल के शपथ
ग्रहण समारोह में
आने में असमर्थता
जताई. पूर्व नियोजित
कार्यक्रम के तहत
मोदी को 14 फरवरी
को बारामती जाना
है.
14 फरवरी को ऐतिहासिक
रामलीला मैदान में अरविंद
केजरीवाल सीएम पद
की शपथ लेने
वाले हैं. भारतीय
राजनीति के ये
दोनो शिखर पुरूष
एक-दूसरे के
धुर विरोधी हैं,
लेकिन 10 फरवरी को राजधानी
में ् श्री
केजरिवाल की आप
पार्टी को प्रंचड
जनादेश मिलने पर प्रधानमंत्री
ने उन्हे बधाई
दी तथा केजरीवाल
को चाय पर
आने का न्योता
दिया. हालांकि आज
की मुलाकात के
दौरान चाय कहीं
नजर नहीं आई.
गौरतलब है कि
साल भर पहले
केजरीवाल ने मोदी
से मिलने का
वक्त मांगा था,
लेकिन तब उन्हें
वक्त नहीं मिल
पाया था और
उन्होने मुलाकात का समय
नही मिलने पर
धरना भी दिया
था. आप पार्टी
के प्रवक्ता कुमार
विश्वास के अनुसार
'इस वर्ष मई
मे श्री मोदी
के प्रधान मंत्री
बनने के बाद
श्री केजरीवाल ने
उन्हे बधाई का
पत्र भेजा था,
लेकिन उस पत्र
का कोई जबाव
नही आया.
दिल्ली में आम
आदमी पार्टी को
जनता ने प्रचंड
जनादेश दिया. 70 सदस्यो वाली
विधान सभा मे
उसे 67 स्थन मिले
और पिछले चुनाव
मे 28 स्थान पाने
वाली भारतीय जनता
पार्टी मात्र तीन स्थानो
पर्सिमट कर रह
गयी और पंद्रह
वर्ष तक दिल्ली
की सता पर
काबिज कॉग्रेस पार्टी
अपना खाता तक
नही खोल्पआयी और
उस जनादेश को
साकार करने के
लिए श्री अरविंद
केजरीवाल मतगणना के अगले
ही दिन यानी
11 फरवरी को एक्शन
में आ गए.
उन्होंने शहरी विकास
मंत्री वेंकैया नायडू से
और फिर गृहमंत्री
राजनाथ सिंह से
मुलाकात की.वेंकैया
नायडू के साथ
अपनी मुलाकात में
केजरीवाल ने दिल्ली
के अनधिकृत कॉलोनियों
पर बात की.
वेंकैया ने भी
उन्हें मदद का
पूरा भरोसा दिया
है. केजरीवाल को
दिल्ली में अपनी
योजनाएं लागू करने
में दोनों मंत्रालयों
के अहम सहयोग
की दरकार है.
साथ ही कल
उन्होने दिल्ली के मुख्य
सचिव से यहां
चल रही परियोजनाओं
और दिल्ली की
आर्थिक हालत पर
भी पूरी जानकारी
इकट्ठा कर ली
है. उन्होने मुख्य
सचिव को पार्टी
का घोषणा पत्र
भिजवा कर 19 फरवरी
तक उस के
क्रियान्वन का रोड
मेप बनाने का
निर्देश भी दे
दिया है. वी
एन आई

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