Date: 09/02/2015
पटना, 9 फरवरी । बिहार में मचे सियासी घमासान के बीच लोगों की निगाहें अब राजभवन पर टिकी हुई हैं। सोमवार को जनता दल (युनाइटेड) विधानमंडल दल के नवनिर्वाचित नेता नीतीश कुमार तथा बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अलग-अलग समय पर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मिलकर अपने-अपने दावे पेश किए।
नीतीश अपने सरकारी आवास से 130 विधायकों के साथ पैदल मार्च करते हुए करीब डेढ़ बजे राजभवन पहुंचे। उनके साथ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद भी थे।
राज्यपाल से मिलकर राजभवन से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि राज्यपाल से मिलकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में बहुमत की सरकार बनाने का अनुरोध किया गया।
नीतीश कुमार ने कहा, "राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया गया तथा बहुमत की सरकार जल्द से जल्द गठित करने की अनुमति मांगी गई।"
उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने पूरी बातें गंभीरता से सुनी और जल्द ही निर्णय लेने की बात कही।
राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बताया कि नीतीश को 130 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जिसमें जदयू, राजद, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त है।
इसके बाद मुख्यमंत्री मांझी सोमवार को दूसरी बार राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल से मिलने के बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि राज्यपाल के समक्ष उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "हम बहुमत साबित करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।"
उन्होंने बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से 19 फरवरी तक का समय मांगा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल वैसे जब कहेंगे तब वे सदन में बहुमत साबित कर देंगे।
मांझी ने राज्यपाल से सदन में गुप्त मतदान कराने का अनुरोध किया। इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार पर साजिश रचकर मुख्यमंत्री को पद से हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
बिहार में जारी सियासी गहमागहमी के बीच राज्यपाल त्रिपाठी सुबह पटना पहुंचकर सीधे राजभवन पहुंचे। इसके बाद 12 बजे मुख्य सूचना आयुक्त को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी पहुंचे।
इधर, बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने से इनकार कर चुके मांझी को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने पार्टी से निष्कासित कर दिया।
मांझी को रविवार को ही पार्टी विधायकों की बैठक में जदयू विधायक दल के नेता पद से बर्खास्त कर दिया गया था।
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने विधानमंडल दल के नवनिर्वाचित नेता नीतीश कुमार को नेता के रूप में मान्यता अधिसूचित कर दी। जदयू के सचेतक श्रवण कुमार ने बताया कि नई अधिसूचना के साथ ही मांझी जदयू विधानमंडल दल के नेता नहीं रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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