Date: 28/02/2015
मथुरा/वृंदावन, वृंदावन में शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों ने पूरे आनंद और रोमांच के साथ बरसाने की लट्ठमार होली देखी और आनंद उठाया।
रंग-बिरंगे परिधानों से सजे नंदगांव के गायक शुक्रवार शाम भांग और ठंडाई पीकर पीली पोखर पहुंचे, लेकिन उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ा क्योंकि रंगीली गली परिसर में तैयारियां चल रही थीं।
बरसाने की संकरी गलियों को पार करते हुए वे श्रीजी मंदिर पहुंचे, जहां शुक्रवार देर शाम तक समाज गायन और गीत-संगीत का कार्यक्रम पूरे शबाब पर था।
पारंपरिक कर्मकांड होने के बादे वे रंगीली गली पहुंचे।
इसके बाद जल्द ही घूंघट से चेहरा छिपाए बरसाने की हुरियारिनें अपनी तेल लगी लाठियों के साथ स्थल पर पहुंची और लट्ठमार होली का क्रम शुरू हुआ। महिलाएं लाठियां बरसा रहीं थीं और पुरुष चमड़े के आवरण से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
पूरे भारत से आए तीर्थयात्रियों और अप्रवासी भारतीयों ने विस्मय और मनोरंजन के साथ गुलाल से भरे बरसाने की होली का नजारा देखा।
मुंबई से आए राजेश भाई ने बताया, "हमने पूरा मनोरंजन किया और आध्यात्मिक रेचन के अभूतपूर्व आयामों का अनुभव किया। यह वह अविस्मरणीय दृश्य है, जिसे समय नहीं मिटा सकता।"
हुरियारिन (गोपी) अनीता शर्मा, श्याम लता शर्मा, रजनी शर्मा, जमुना देवी, और विजय लक्ष्मी शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "यह परंपरा श्री कृष्ण-राधा के द्वापर युग से चली आ रही है, यह समानता और सशक्तीकरण का स्पष्ट प्रदर्शन है।"
इस बीच मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर और वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में रविवार होने वाली 'रंगभरनी एकादशी होली' की तैयारियां जोरों पर हैं।
एक स्थानीय पुजारी गिरधारी लाल ने बताया, "बरसाने में एक लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आए। हम मथुरा और वृंदावनव में दूर-दराज से बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद कर रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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