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मैक्स अस्पताल की कथित मेडिकल लापरवाही की चल रही जांच की अंतिम रिपोर्ट के दो दिन में आने की उम्मीद है: जैन

abslm 7-12-2017

नईं दिल्ली । दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आज कहा कि जुड़वां बच्चों के मामले में मैक्स अस्पताल की कथित मेडिकल लापरवाही की चल रही जांच की अंतिम रिपोर्ट के दो दिन में आने की उम्मीद है और उसके अनुसार आगे कार्वाईं की जाएगी। मैक्स अस्पताल ने जिस नवजात शिशु को मृत घोषित कर दिया था, उसकी पीतमपुरा के एक नर्सिग होम में मौत हो गयी। जैन ने इसके बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,प्राथमिक रिपोर्ट में उन्हें कुछ पहलुओं में दोषी पाया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट अगले दो दिनों में आने की उम्मीद है। वह रिपोर्ट मिल जाने के बाद हम कानून के अनुसार सख्त संभावित कार्वाईं करेंगे। जैन ने कहा कि गरीब मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं से संबंधित प्रावधानों का कथित तौर पर उल्लंघन करने के लिए 22 नवंबर को मैक्स अस्पताल को एक नोटिस भेजा गया था। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों को एक साथ जोड़ दिया गया है और उसके अनुसार कार्वाईं करेंगे।
अंतिम रिपोर्ट दो दिन में आने की उम्मीद : जैन वीर अर्जुन संवाददाता नईं दिल्ली। मैक्स अस्पताल में पिछले हफ्ते समय से पूर्व जन्मे जिस बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया था उसने इलाज के दौरान कल शाम दम तोड़ दिया।
यह जानकारी आज पुलिस ने दी। पुलिस उपायुक्त उत्तर पश्चिमा असलम खान ने पुष्टि की कि 30 नवंबर को पैदा हुए बच्चे की कल शाम मौत हो गईं। मैक्स हेल्थ केयर के प्राधिकारियों ने एक बयान में बताया समय से पहले, 23 सप्ताह में ही जन्म लेने वाले बच्चे के निधन की दुख:द खबर मिली।वह जीवन रक्षक प्रणाली पर था।
बयान में कहा गया है हमारी संवेदनाएं अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हैं। हम समझते हैं कि समय से पहले पैदा होने वाले बच्चों के जीवित बचने की संभावना कम होती है लेकिन यह अभिभावकों और परिवार वालों के लिए हमेशा ही पीड़ादायी होता है। हम प्रार्थना करते हैं कि उन्हें यह दुख सहन करने की शक्ति मिले।
दिल्ली सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित पैनल ने कल मैक्स अस्पताल को नवजात शिशुओं से संबंधित निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन न करने का दोषी पाया था। यह मामला 30 नवंबर को पैदा हुए जुड़वा बच्चों एक लड़का और एक लड़की से संबंधित है। इन बच्चों के अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि शालीमार बाग के मैक्स अस्पताल ने   बच्चों को मृत घोषित कर दिया था जबकि बाद में पता चला कि उनमें से एक बच्चा लड़का जिंदा था।
अभिभावकों ने बताया कि उन्हें अस्पताल ने बताया कि दोनों बच्चे मृत पैदा हुए थे। अस्पताल ने इन नवजातों को एक पॉलीथिन बैग में डालकर उन्हें सौंपा था। पुलिस ने बताया कि अंतिम संस्कार से कुछ देर पहले परिवार को मालूम हुआ कि एक बच्चे की सांसें चल रही हैं।

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