abslm 6-1-2018 सचिन गुप्ता
इंदौर(म.प्र)
इंदौर से आई एक दुर्घटना की खबर ने देश को परेशान कर डाला है. खबर है शहर में
देवास वायपास पर बिचौली हप्सी ओवर ब्रिज पर हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण बस हादसे की.
बताया जा रहा है कि ये बस डीपीएस स्कूल की थी और अबतक मिली जानकारी के अनुसार इस
हादसे में बस ड्राईवर समेत 4 मासूमों की मौके पर ही मौत
हो गयी है जबकि २ बच्चों की हालत नाज़ुक बताई जा रही है. हालाँकि अभी तक इस हादसे
की असल वजह तो सामने नहीं आ पाई है लेकिन कहा जा रहा है कि बस की स्टेयरिंग फेल
होने के चलते ये हादसा हुआ है.! ये हादसा इतना भीषण था कि बस का हुलिया ही समझ
नहीं आ रहा था. ऐसे में जब मौके पर लोग पहुंचे थे उनके भी होश उड़े हुए थे. बस से
जगह-जगह से खून की धाराएं रिस रहीं थीं. ऐसे में ज़रूरी था बच्चों को कैसे भी बहर
निकालना. काफी प्रयासों के बाद भी जब लोगों को कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने फैसला
किया कि अब बस काटकर उन्हें बच्चे निकालने पड़ेंगें. ऐसा हुआ भी. बस कटी और बच्चों
को वहां से निकाला गया. इस हादसे में 4 बच्चे श्रुति
लुधियानी, हरमीत कौर, कृति अग्रवाल और स्वस्तिक पहाड़ी की जान चली गयी है.!
इस हादसे की खबर मिलते ही जैसे बच्चों के परिजन मौके पर पहुंचे, उनका रो-रोकर बुरा हाल था. अपनी आँखों के तारों को यूँ खून
में लथपथ देखकर किसी को समझ ही नहीं आ रहा था कि वो क्या करें? कहाँ जायें? किससे क्या कहें? जिस वक़्त वो दरवाज़े पर अपने बच्चे के घर आने की आस लगाये
बैठे थे उस समय बच्चे तो घर नहीं लौटे लेकिन घर आई खबर, बच्चों की मौत की खबर, लेकिन इस दुखद मौके पर भी
खुद को सँभालते हुए मृत बच्चों कृति अग्रवाल और स्वास्तिक पहाढी के परिवार ने
नेत्रदान का फैसला लिया. ये फैसला वाकई हैरान कर देने वाला था, लेकिन मृत बच्चों के परिजनों के इस फैसले को आज देश सलाम कर
रहा है. परिजनों के इस फैसले के बाद आई-बैंक की टीम एमवायएच पहुंची और देर रात
नेत्रदान की प्रक्रिया शुरू की!
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घटना की जानकारी लेते हुए जाँच के आदेश दिये
और इस दुखद घड़ी में सरकार और पूरा मध्य प्रदेश मतृको ओर घायलो के परिवार के साथ है
और उन्होंने मतृको को भावपूर्ण श्रधांजलि अर्पित की !


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