ABSLM 26-04-2018 शिव प्रताप सिंह फतेहपुर
कुशीनगर के दुदही
रेलवे क्रासिंग पर स्कूल वैन (टाटा मैजिक) ट्रेन की चपेट में आ गई. इस हादसे में 11 बच्चों की मौत हो गई. वहीं, करीब 7 बच्चे घायल हैं. इस हादसे के बाद से
एक बार फिर ये सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इसमें किसकी लापरवाही है. क्योंकि मानव
रहित रेलवे फाटक पर इससे पहले भी ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं.
क्या ड्राइवर की
है लापरवाही ?
जानकारी के
मुताबिक, इस हादसे में लोग स्कूल
वैन के ड्राइवर की लापरवाही का जिक्र कर रहे हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि स्कूल
वैन के ड्राइवर ने सामने से आती ट्रेन को देखने के बावजूद भी जल्दबाजी के चक्कर
में कॉसिंग पार करनी चाही. इसी दौरान ये हादसा हो गया.
क्या रेलवे
प्रशासन की है लापरवाही?
वहीं, इस हादसे के बाद से रेलवे प्रशासन की लापरवाही
का भी जिक्र हो रहा है. लोगों को कहना है कि मानव रहित फाटक होने की वजह से ये
हादसा हुआ. अगर यहां कोई होता तो इतना बड़ा हादसा न होता. हालांकि, रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, इस कॉसिंग पर गेट मित्र को लगाया गया था. उसने
स्कूल वैन को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन स्कूल वैन के ड्राइवर ने उसको अनदेखा कर दिया. फिलहाल इस मामले में अभी
जांच होनी है और उसके बाद ही असल लापरवाही का पता चल सकेगा.
पहले भी होते रहे
हैं हादसे
बता दें, यूपी में इससे पहले भी इस तरह के हादसे सामने
आते रहे हैं. 2016 में भदोही के
पास बच्चों से भरी स्कूल वैन ट्रेन की चपेट में आ गई थी. इस हादसे में 10 बच्चों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल
हो गए थे. उस वैन में करीब 19 बच्चे सवार थे.
उस वक्त हादसे की वजह स्कूल वैन के ड्राइवर की लापरवाही को बताया गया था.

निवेदन :- अगर आपको लगता है की ये लेख किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो आप निसंकोच इसे अपने मित्रो को प्रेषित कर सकते है