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शांतिपूर्वक चले आंदोलन में नैतिकता के तौर पर सरकार की हार व किसानों की जीत : दीपेंद्र हुड्डा

abslm 2/04/2021 Skmittal सफीदों: 


लंबे समय से चल रहे इस शांतिपूर्वक आंदोलन में नैतिकता के तौर पर सरकार की हार व किसानों की जीत हो चुकी है। भाजपा सरकार के शरारती तत्वों द्वारा उकसाने के बावजूद किसान पूरी तरह से शांति व संयम के मार्ग पर रहा। इस घमंडी व असंवेदनशील सरकार के खिलाफ प्रदेश के लोगों में रोष है। यह बात आज शनिवार को पुरानी अनाज मंडी में व्यापारी बिंटा जैन के यहां पत्रकारों से बात करते हुए सांसद दिपेंद्र हुड्डा ने कही। इस मौके पर उनके साथ सफीदों के विधायक सुभाष गांगोली भी विशेष रूप से मौजूद थे। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानून के विरोध में देश का किसान पिछले चार महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर बैठा है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। किसान आंदोलन में 300 से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके है लेकिन सरकार ने जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों के ढांढस के दो शब्द तक नहीं बोले। इस सरकार ने उन्हे किसान मानने से इंकार किया और यहां तक कि उन्हे आतंकी तक बता दिया। 

उन्होंने कहा कि इस बार का बजट सैशन पूरी तरह से निराशाजनक रहा। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि एक अपै्रल से गेंहू की खरीद शुरू कर दी जाएगी लेकिन सरकार के सभी दावे धरे के धरे रह गए। प्रदेश की मंडियों में गेंहू आ चुका है लेकिन कोई सरकारी खरीददार नहीं पहुंचा। भारतीय खाद्य निगम ने पिछले 70 सालों के नियमों को तोड़कर गेंहू की नमी की मात्रा 14 से घटाकर 12 प्रतिशत कर दी है। यह साफ-साफ संकेत है कि या तो सरकार खरीद करना नहीं चाहती और करना चाहती है तो वह बहुत कम मात्रा में। पालिका चुनावों में सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी क्या निर्णय लेती है यह उस पर निर्भर रहेगा।

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