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एक दुखद घटना से हुई जिसमें एक बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारते हुए घसीट कर ले गई। इस घटना मे मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति मोटरसाइकिल सहित बस के अगले पहिए के नीचे आ गया और मौके पर उसकी मृत्यु हो गई।

ABSLM 24/05/2021 Skmittal सफीदों : 


आज सुबह की शुरुआत एक दुखद घटना से हुई जिसमें एक बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारते हुए घसीट कर ले गई। इस घटना मे मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति मोटरसाइकिल सहित बस के अगले पहिए के नीचे आ गया और मौके पर उसकी मृत्यु हो गई।  मृतक का नाम ओमप्रकाश 45 वर्ष गांव दरियापुर का बताया गया है और वह सफीदों की सब्जी मंडी में दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्राईवेट बस प्रवासी मजदूरों को बरवाला से भरकर बिहार के जिला नालंदा जा रही थी कि सफीदों के पानीपत रोड़ पर वैलकम होटल के सामने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और उसे दुर तक घसीट कर ले गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल का अगला हिस्सा बस के अगले हिस्से में घुस गया था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति मोटरसाइकिल सहित बस के अगले हिस्से में घुस गया था। इस घटना मे मोटरसाइकिल सवार की मौके पर मौत हो गई और सड़क पर दोनों तरफ लम्बा जाम लग गया। घटना के बाद बस का ड्राईवर व कंडक्टर मौके से फरार हो गए। 

यहां पर बता दें कि इस बस में कोरोना महामारी के नियमों को ताक में रखकर यात्रियों को ऊपर-नीचे ठूस-ठूसकर भर रखा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस बस में 100 से 150 लोग भर रखे थे। सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल पर जमा हुए लोगों की मदद से मोटरसाइकिल व ओमप्रकाश को किसी तरह से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को नगर के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया और मार्ग को बहाल करवाया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही थी। उधर पुलिस ने बस में भरे प्रवासियों को बाहर निकाला तथा बस को अपने कब्जे में लिया। बता दें कि हर रोज की भांति मृत्तक ओमप्रकाश सफीदों की सब्जी मंडी में मेहनत-मजदूरी के कार्य को जा रहा था कि रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। सारे परिवार की जिम्मेवारी उसके ऊपर थी। 

ओमप्रकाश के निधन को लेकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। सारे कोरोना महामारी व सरकारी नियमों को ठेंगे पर रखकर यह बस बरवाला से बिहार के जिला नालंदा जा रही थी और इस बस में हरियाणा में काम करने के लिए आए प्रवासी मजदूर भरे हुए थे। जहां सरकार ने कोरोना के चलते 50 प्रतिशत सवारियां ही बैठाकर ही व्हीकल परमिशन के साथ चलाने के आदेश है लेकिन बताया जाता है कि बस संचालक ने मानवता व महामारी को ताक पर रखकर इस बस में 100 से 150 सवारियां ठूस-ठूसकर भर रखी थी। जानकारी यह भी है कि यह बस बिहार के लिए 130000 रूपए में बुक की गई थी और यह किराए की रकम इन मजदूरों से काटी गई थी

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