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कोविड में सकारात्मक रास्ते-मुश्किलों का समाधान विषय पर वेबीनार आयोजित

ABSLM 24/05/2021 Skmittal सफीदों :



इंसान का सकारात्मक दृष्टिकोण और आशावादी नजरिया उसके जीवन खासकर कोरोना महामारी के दौर में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है। यह बात मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने कही। वे सोमवार को कोविड में सकारात्मक रास्ते-मुश्किलों का समाधान विषय पर आयोजित वेबीनार में नगर के बीएसएम स्कूल के बच्चों, अध्यापकों एवं परिजनों को संबोधित कर रहे थे। अनिल मलिक ने बताया कि वर्तमान हालात कोरोना महामारी की वजह से विषम और असहज भले ही हो लेकिन हर समस्या का समाधान एक सशक्त विचार और बेहतर योजना से ही मुमकिन है। जीवन में अचानक से जब विपरीत हालात पैदा होते हैं तो ऐसे में हड़बड़ाहट, घबराहट, बेचैनी, परेशानी, चिंता व तनाव में कोई भी प्रतिक्रिया फायदेमंद नहीं रहती। ऐसी परिस्थिति में मानसिक शांति, धैर्य, उत्साह, हौंसला एवं आशावादी नजरिए के साथ बेहतर संतुलन कायम बनाए रखना चाहिए। विपरित परिस्थितियों में कुछ समय के लिए आप परिस्थितियों का सही मूल्यांकन करते रहें। जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें, तत्पश्चात समझबूझ के साथ बेहतर निर्णय लें, खुद से विचार-विमर्श करते रहे, सही गलत को जानते हुए उचित कदम उठाए। उन्होंने कहा कि रचनात्मकता पूर्ण व रुचिकर कार्यों में व्यस्तता ऊर्जा बढ़ाती है। 

दिनचर्या में उदासी व नीरसता को ना बढऩे दें और जो भी काम करें खुश दिल होकर करे। एक आशा और बेहतर उम्मीद के साथ अपनी दिनचर्या शुरू करें। सुबह जल्दी उठे, सूर्योदय होते देखें, मुस्कुराए, हर व्यक्ति का दिल से अभिनंदन करें, पीठ थपथपाए, प्रेरणादाई, उत्साहवर्धन करने वाली बातें ही करें। रहस्य यह है कि हमारी खुशी दूसरों की खुशी से जुड़ी होती है। खुशमिजाज, सकारात्मक, आशावादी मनोवृति वाले लोगों के साथ समय बिताएं। याद रखें कि नाउम्मीदी से ज्यादा अंधेरा नहीं और उम्मीद से बढ़कर कोई रोशनी नहीं है। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता स्कूल निदेशक अरुण खर्ब व प्राचार्य अनिल खर्ब ने की। वेबीनार के आयोजन में विशेष भूमिका कार्यक्रम अधिकारी मलकीत चहल ने अदा की।

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