abslm 11/05/2021 एस• के• मित्तल :
सफीदों के एक निजी स्कूल संचालक द्वारा भाजपा के त्रिदेव सम्मेलन का आयोजन करवाने का संयुक्त किसान मोर्चा सफीदों ने कड़ा विरोध किया था। इस विरोध के बाद सम्म्मेलन को आधा-अधूरा छोड़कर भाजपा नेताओं को वहां से निकलना पड़ा था। उसके बाद किसानों ने यह ऐलान किया था कि सोमवार को इस निजी स्कूल की किसी भी बस को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा।
ऐलान के मुताबिक सोमवार सुबह जैसे ही स्कूल की बसें गांवों में पहुंची तो कुछ गांवों के ग्रामीणों ने उन बसों को वहीं पर रोक लिया। ग्रामीणों ने बसों को रोककर उनके आगे सरकार व स्कूल संचालक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों द्वारा गांव खरकड़ा, बुढाखेड़ा व रामपुरा में बसों को रोकने के समाचार प्राप्त हुए है।
मामले की सूचना सफीदों पुलिस को दी गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी मिन्नतों के बाद भी किसान नहीं माने तो पुलिस ने उन्हे बसों में बैठे बच्चों का हवाला दिया। तब जाकर किसानों ने बसों को गांव से जाने दिया। साथ ही किसानों ने चेतावनी दी कि भविष्य में स्कूल संचालक गांवों में अपनी बसों को ना भेजे। उसके कुछ देर बाद ही किसान नेता गगनदीन सिंह, वरुण खर्ब व मजूदर नेता राधेश्याम हाट के नेतृत्व में किसान जींद रोड पर स्थित निजी स्कूल के बाहर पहुंच गए। किसानों ने वहां पहुंचकर सरकार व स्कूल संचालक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में सदर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाया-बुझाया। किसानों का कहना था कि स्कूल का काम बच्चों को शिक्षित करना होता है ना की राजनीति करना। इस स्कूल के मालिक ने इस स्कूल को शिक्षा के मंदिर की बजाए राजनीतिक अखाड़ा बनाकर रख दिया है। वे किसी भी सूरत में स्कूलों को राजनीति का अड्डा नहीं बनने देंगे। भविष्य में भी कोई स्कूल अपने प्रांगण में राजनीतिक कार्यक्रम करने की कोशिश ना करें। अगर ऐसा होगा तो उन स्कूलों का बहिष्कार किया जाएगा।




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