abslm 23/04/2022 एस• के• मित्तल
सफीदों, गुरु तेग बहादुर 400वां प्रकाश पर्व मनाना मुख्यमंत्री मनोहर लाल का सराहनीय कदम है। यह बात पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने कही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से लोगों खासकर युवाओं को अपनी पुरातन संस्कृति से जुडऩे व गुरूओं के बलिदान गाथा से रूबरू होने का मौका मिलता है। इसी मकसद के साथ 24 अप्रैल रविवार को पानीपत में गुरु तेग बहादुर जी का प्रकाश पर्व राज्य स्तर पर मनाया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में सफीदों के लोग भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचकर गुरूओं के समक्ष अपना शीश झुकाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मनोहर सरकार सभी धर्मों के संतों व गुरूओं की जयंतियां राज्य स्तर पर मनाकर उन्हे सम्मान दे रही है। उन्होंने कहा कि संत, महात्मा व गुरू हम सबकी सांझी विरासत है।गुरुओं ने मानवता की भलाई के लिए जो कुर्बानियां दी, उस बलिदान की गौरवगाथा युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार इस प्रकार के आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंद दी चादर कहलाए जाने वाले नौवें गुरु, गुरु तेगबहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा करते हुए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उन्होंने आस्था, विश्वास और अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया इसलिए उन्हें सम्मान के साथ हिंद दी चादर कहा जाता है। विश्व के इतिहास में श्री गुरु तेग बहादुर जी साहब का स्थान अद्वितीय है। धैर्य, वैराग्य और त्याग की मूर्ति गुरु तेग बहादुर जी ने 20 वर्ष तक साधना की। उन्होंने धर्म के प्रसार के लिए कई स्थानों का भ्रमण किया। अंधविश्वासों की आलोचना कर समाज में नए आदर्श स्थापित किए।
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