ABSLM 16/05/2022 एस• के• मित्तल
सफीदों,हिन्दू समाज मे बेटा पैदा होने पर ही आमतौर पर कुंआ पूजन की परंपरा है लेकिन सफीदों में समाजसेवी संस्था कौशिश के प्रतिनिधि समाजसेवी विनोद कौशल ने इस परंपरा से हटकर अपनी बेटी निर्वी के जन्म पर धूमधाम से कुंआ पूजन की रस्म अदा की तथा बेटे के जन्म की तरह से खुशी मनाई गई। इस मौके पर बज रहे ढोल की थाप पर परिवार के लोगों ने जमकर नृत्य किया। पोती के जन्म और उसके जन्म पर इस प्रकार के भव्य आयोजन से दादा ईश्वर दयाल शर्मा व दादी रोशनी देवी भी फूली नहीं समा रही थी। बेटी के जन्म पर उसकी मांं रीतू भी काफी ख्खुश दिखाई दे रही थी। निर्वी के पिता विनोद कौशल व माता रीतू का कहना था कि कन्या इस सृष्टि का आधार है तथा हम सबकों को मिलकर इस आधार को मजबूत करना होगा। आज के दौर में बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं रह गया है। बेटियां भी पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं। उनकी नवजात बेटी निर्वी किसी भी रूप में बेटों से कमतर नहीं है। वे निर्वी को बेटों की तरह से बेहतरीन शिक्षा-दीक्षा देकर उसका लालन पालन करेंगे।
कुंआ नहीं मिला तो सबमर्सिबल पंप पर किया पूजन
आज के दौर में कुंओं का प्रचलन लगभग समाप्त सा हो गया है। अब ना तो नए कुंए खोदे जाते है और जो शेष है वे बंद हो चुके हैं। ऐसे में कुंआ पूजन की रस्म निभाने में काफी समस्याएं आती हंै। इस रस्म को निभाने के लिए लोग अब हैंडपंप या सबमर्सिबल पंप का सहारा लेने लगे हैं। इस प्रकार की दिक्कत शर्मा परिवार के सामने भी आई। नवजात निर्वी की मां रीतू ने कुंआं पूजन को लेकर जब कुंआं नहीं मिला तो पड़ोस के एक घर में लगे सबमर्सिबल पंप की पूजा करके यह रश्म निभानी पड़ी।
फोटो कैप्शन 3.: सबमर्सिबल पंप पर पूजा करके कुंआ पूजन की रश्म निभानी हुई रीतू।


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