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साहित्य भूषण सम्मान प्राप्त डा. सुभाष श्रीवास्तव बाल कविता के सशक्त हस्ताक्षर हैं आधा दर्जन पुस्तकें प्रकाशित हुई

abslm  23/9/2020 laxman singh 


डा. सुभाष श्रीवास्तव को साहित्य के क्षेत्र में खासकर उनकी बाल रचनाओं के लिए जाना जाता है । श्रीवास्तव जी बाल कविता के सशक्त हस्ताक्षर हैं । इनकी बाल कविताएं बड़ी सरल और गेय हैं । बच्चे इनकी छोटी-छोटी कविताओं को बड़े चाव से पढ़ते और गाते हैं । उन्होंने अपनी कविताओं में छोटी-छोटी विषय वस्तुओं को अपना लेखन आधार बनाया है । उनकी रचना बाल मन के अनुरूप होती हैं । उन्होंने  पशु - पक्षी , प्रकृति और घरेलू जानवरों पर अपना लेखन निशाना साधा है । गाय ,कौआ, तोता, गिलहरी, तितली ,बकरी , चिड़िया, स्कूल, स्वच्छता , और पर्यावरण आदि इनके प्रिय विषय वस्तु हैं । बच्चों की शारीरिक बनावट, साफ-सफाई और स्कूल जाने के लिए भी प्रेरित किया गया है । पास-पड़ोस में स्वच्छता , बड़े-बूढ़ों और गुरूजनों का सम्मान इनका लेखन आधार है । पढ़ाई के साथ-साथ  अपने शरीर और घर की सफाई का विशेष संदेश दिया गया है ।


डा. सुभाष की रचनाएं देश के कोने- कोने से प्रकाशित प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं के बाल स्तंभ में प्रकाशित हुई हैं । इनकी अब तक प्रकाशित पुस्तकों में शिशुगीत , अपना जीवन अपने हाथ , लव यू लव यू जियो , चूहा राजा की बारात और बाल पहेलियां आदि प्रमुख हैं ।

इनकी अन्य पुस्तकों में लघुकथा संकलन लाश जब बेनकाब हुई  प्रकाशित है। पांखुरी-पांखुरी गुलाब , जागो उठो करो हुंकार और सबरस साझा संकलन का संपादन किया है । विभिन्न साझा संकलनों में भी रचनाएं शामिल हैं 

डा.श्रीवास्तव ने डा.राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है। और विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि मिली है । इन्हें भी मैथिलीशरण गुप्त , आचार्य तथा साहित्य भूषण आदि सम्मान से संस्थाओं ने सम्मानित किया है ।

  डा. सुभाष ने कहानी लेखन महाविद्यालय नयी दिल्ली द्वारा पत्रकारिता टीवी और फिल्म पटकथा लेखन का पत्राचार कोर्स किया है । मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में प्रोडक्शन मैनेजर का पांच वर्ष का अनुभव प्राप्त है ।

 आप उत्तरोत्तर विकास पथ पर अग्रसर हैं । इनके लिखे गीत और शार्ट मूवी यूट्यूब पर प्रसारित हुए हैं। जो कि आज भी सुनेऔर देखे जा सकते हैं । अधूरी सुहागरात और हाय रे चुनाव में लेखन और अभिनय भी है । आप उ.प्र.जर्नलिस्ट एसोसिएशन प्रतापगढ़ शाखा के मीडिया प्रभारी रहे हैं । वर्तमान में अखिल भारतीय स्वतंत्र लेखक मंच स्लेम नयी दिल्ली की शाखा प्रतापगढ़ के जिला अध्यक्ष हैं । और काव्या फिल्म प्रोडक्शन के कलाकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हैं। और पत्रकार तथा साहित्यकार हैं ।

 नवीनतम सितंबर के अंत तक इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई से साझा बाल कविता संकलन प्रकाशित हो रहा है । शीर्षक है- गया नहीं बचपन । इसमें रचना सम्मिलित हैं ।  

इस तरह डा.सुभाष अपनी प्रतिभा के बलबूते उत्तरोत्तर विकास पथ पर अग्रसर हैं । इनके लेखन और अभिनय में निखार स्पष्ट देखा जा रहा है । आपका निवास न्यू रेवेन्यू कालोनी के पास अचलपुर प्रतापगढ़ यूपी में है । हमारी दुवाएं श्रीवास्तव जी के साथ हैं । आप जल्दी जल्दी अपने शीर्षस्थ लक्ष्यों तक पहुंचें । और अपनी मनमोहक रचनाओं से हम श्रोताओं और दर्शकों का शुद्ध मनोरंजन करें । और स्वस्थ समाज के लिए सही दिशा देने में कामयाब हों ।

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