मात-पिता , शिक्षक , साथी गण
सब कोई साथ निभाएं
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मातृभाषा हिंदी हम सबकी ,
जन-जन बात बताएं ।
मात-पिता , शिक्षक - साथी गण,
सब कोई साथ निभाएं ।।
बोलें - लिखें सब कोई हिंदी ,
खुलकर बात बताएं ।
हिंदी विकास के योगदान में ,
मिलकर हाथ बटाएं ।।
हिंदी की महिमा जान विदेशी,
प्रशिक्षण आप ले जाएं ।
भारत विशाल की आत्मा हिंदी,
सगर्व आप हरषाए ।।
* सुभाष श्रीवास्तव अचलपुर प्रतापगढ़ यूपी

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