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अध्यापक विहीन हुआ हरिगढ़ का राजकीय मिडल स्कूल ग्रामीणों की चेतावनी: अध्यापक नहीं मिले तो होगी स्कूल की तालाबंदी

 abslm एस• के• मित्तल 

      


सफीदों, उपमंडल के गांव हरिगढ़ के प्राइमरी स्कूल से मिडिल स्कूल में अपग्रेड होने के पांच महीने बाद भी मिडल विभाग अध्यापक विहीन है। अध्यापकों के ना होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। अध्यापकों की कमी के कारण ग्रामीणों व अभिभावकों में रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन को चेताया है कि अगर स्कूल में अध्यापकों की पूर्ति नहीं की गई तो वे स्कूल की तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। स्कूल के एसएमसी के प्रधान वीरेंद्र लांबा व सदस्य राजकुमार चहल ने बताया कि वे अध्यापकों की कमी का रोना चंडीगढ़ तक रो चुके हैं लेकिन उन्हे कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला है। 

राजकुमार चहल ने बताया स्कूल को प्राइमरी से मिडिल करवाने कि मांग बहुत वर्षों पुरानी थी जिसको एसएमसी सदस्यों एवं गांव के प्रबुद्ध लोगों द्वारा पूरा करवाया गया था लेकिन अब मिडल में अपग्रेड होने के बाद से यहां पर एक भी अध्यापक नहीं है। स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक से 30 अगस्त को मिले थे तथा शिक्षा मंत्री को भी ईमेल किया जा चुका है। सहायक निदेशक से उन्हें जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया था लेकिन अतिथि अध्यापकों कि ट्रांसफर ड्राइव के बाद भी स्कूल को एक भी अध्यापक नहीं मिला है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढाई बाधित हो रही है। अगर जल्द ही स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होती है तो स्कूल को ताला लगाने के अलावा को चारा नहीं होगा जिसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेदार होगा। होगा जिसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस मामले में बीईओ दलबीर मलिक ने बताया कि ट्रांसफर ड्राइव से पहले भी अध्यापकों की कमी थी लेकिन अध्यापकों कि ट्रांसफर ड्राइव के बाद बहुत अधिक परेशानी आई है। जिसकी रिपोर्ट निदेशक को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए दे दी गई है। जल्द समाधान होने की उम्मीद है।

फोटो कैप्शन 5.: स्कूल में अध्यापक ना होने के कारण कक्षाओं से बाहर घूमते बच्चे।

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