abslm 24/2/2023 एस• के• मित्तल
सफीदों, हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रदेश वरिष्ठ उपप्रधान करनैल सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमने हरियाणा में पृथक कमेटी के गठन के लिए काफी लंबे समय तक हरियाणा की सिख संगत के साथ मिलकर संघर्ष किया। वर्ष 2014 में हुड्डा सरकार ने विधानसभा में पृथक एचएसजीपीसी बनाने का कानून पास किया था। उस वक्त सरकार ने इसके लिए संघर्ष करने वाले 41 लोगों को पृथक कमेटी में शामिल किया था। उस वक्त की कमेटी ने 5 गुरूद्वारों का प्रबंधन हाथ में लिया था तथा किसी भी गुरूद्वारे का प्रबंधन हाथ में लेने के लिए कोई ताला नहीं तोड़ा गया लेकिन मौजूद भाजपा सरकार में प्रबंधन लेने के लिए गुरूद्वारों के ताले तोड़े जा रहे हैं। मनोहर लाल सरकार द्वारा गठित नई हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी में जो 38 सदस्य शामिल किए है वे सभी आरएसएस व शिरोमणी कमेटी विचारधारा के हैं। इस कमेटी में उन लोगों को शामिल नहीं किया गया जिन्होंने इसके लिए कड़ा संघर्ष किया।
मौजूद सरकार की शह पर अब गुरूद्वारों के तालों को तोड़कर उनका प्रबंधन हाथ में तो लिया ही जा रहा है, साथ ही साथ पुलिस जूते लेकर गुरूद्वारों में प्रवेश कर रही है, जोकि निंदनीय है। इस समय गुरू घरों में खुलेआम गुंडागर्दी मचा रखी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह जल्द से जल्द चुनाव करवाकर नई कमेटी का गठन करवाया जाए तथा इस कमेटी में चुने हुए सदस्य शामिल किए जाए तथा वर्तमान कमेटी को रद्द किया जाए।
फोटो कैप्शन 23एसएफडीएम7.: हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रदेश वरिष्ठ उपप्रधान करनैल सिंह।
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