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हरियाणा विधानसभा की आश्वासन समिति करेगी मुआना गांव का दौरा


मुख्यमंत्री महाग्राम योजना में सफीदों का सबसे बड़ा गांव मुआना हुआ था शामिल
सीवरेज ट्रीटमेंट व वाटर सप्लाई प्लांट पर होने थे 27 करोड़ रूपए खर्च

abslm 11/1/2024  एस• के• मित्तल   



सफीदों, मुख्यमंत्री महाग्राम योजना में शामिल सफीदों हलके के सबसे बड़े गांव मुआना का हरियाणा विधानसभा की आश्वासन समिति आज शुक्रवार को दौरा करेगी। यह समिति गांव में आकर गांव में सीवरेज व्यवस्था, जल निकासी व जलापूर्ति जैसी व्यवस्था का निरीक्षण करके काम की प्रगति व क्वालिटी के बारे में गहनता से जांच करेगी।
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कौन-कौन होंगे समिति में शामिल
गांव मुआना में पहुंचने वाली आश्वासन समिति के चेयरमैन विधायक भारत भूषण बत्रा के अलावा सफीदों के विधायक सुभाष गांगोली, विधायक बलबीर बाल्मिकी, विधायक इंदुराज नरवाल, विधायक आफताब अहमद, विधायक अमरजीत ढांडा, विधायक दुडा राम, विधायक महिपाल ढांडा, विधायक सीताराम यादव व विधायक राजेंद्र सिंह जून पहुंचेंगे। इसके अलावा संबंधित विभागों के आलाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।


क्या था मामला
चार वर्ष पहले मुआना गांव को महाग्राम योजना में शामिल किया गया था। महाग्राम योजना में दस हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को शामिल किया जाता है। गांव मुआना में करीब 10 वोटर हैं। इस योजना के तहत इस गांव को भी शहरों जैसी ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर प्लांट, सीवर व पानी की पाइप लाइन जैसी सुविधाएं दी जानी थी। सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट के लिए साढ़े 14 करोड़ व वाटर सप्लाई के लिए 12 करोड़ रूपए स्वीकृत हुए थे। योजना के तहत डेढ़ साल के भीतर इस गांव की खारे पानी की समस्या का निपटान करके लोगों को पीने का साफ और मीठा पानी उपलब्ध करवाना था। वाटर सप्लाई प्लांट में आरओ भी लगाया जाना था। इसके अलावा इस योजना के तहत गांव तालाबों का सौन्दर्यकर्ण करने का भी प्रावधान था। ये काम पब्लिक हैल्थ महकमे को 2021 तक पूर्ण करके देना था जोकि करीब अढ़ाई साल लेट हो चुका है। लेकिन मुआना गांव के 4 साल पहले विकास कार्यों के टेंडर हो चुके थे और आज तक भी उनका काम पूरा नहीं हो पाया है जिसके चलते विधानसभा की आश्वासन समिति मुआना गांव का दौरा करेगी। गांव में लगभग देखा जाए तो आज भी करीब 50 गलियां सिवरेज के पाईप दबने के बाद उबड़-खाबड़ पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन कोई ना कोई गिरकर घायल हो जाता है और बारिश आने पर तो हालात ओर भी बद से बदतर हो जाते हैं। ऐसे में गांव मुआना के लोगों का जीना दूभर हो गया है। पब्लिक हैल्थ द्वारा योजना के तहत सभ्भी गलियों को सिवरेज दबाने के लिए उखाड़ तो दिया लेकिन उनमें से मात्र 2 या 3 गलियां ही दोबारा बन पाई हैं।

क्या कहते हैं जिला पार्षद
इस मामले में जिला पार्षद विकास शर्मा का कहना है कि वे भले ही जिला पार्षद हैं लेकिन उन्हे गांव में इस समिति के आने की कोई खबर नहीं है। सरकार व प्रशासन की ओर से जनप्रतिनिधियों को इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी जाती है। हाल ही में उनके गांव मुआना में विकसित भारत यात्रा पहुंची लेकिन उन्हे कोई खबर या निमंत्रण तक नहीं था और अब यह विधानसभा आश्वासन समिति गांव में आ रही है लेकिन उन्हे इसकी कोई सूचना नहीं है। ऐसे में जनप्रतिनिधि महत्वहीन हो गए हैं।
बाक्स:
क्या कहते हैं जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन
इस मामले में जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव कुमार का कहना है कि महाग्राम योजना के तहत आई हुई 26.87 करोड़ ग्रांट राशी में से काफी राशी बची हुई है। जिसमें से अब तक 21.62 करोड़ रूपए ही खर्च हुए हैं। जिसमें उन्होंने सभी गलियों में सिवरेज दबाने के बाद 15 से 20 गलियों को बना दिया है। दो-तीन गलियों का ग्रामीणों में आपसी मतभेद होने के कारण काम रूका हुआ है। बाकी की गलियों पर भी काम जारी है और काम पूर्णता की ओर है।
बाक्स:
क्या कहते हैं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा
इस गांव के मूल निवासी एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा ने बताया कि महाग्राम योजना के तहत गांव में ग्रांट भेजी गई थी इसमें काम सुचारू चल रहा था लेकिन कोरोना के कारण लेबर चली गई थी, जिसके बाद कुछ गलियों में काम अधूरा रह गया था। जिसमें गांव की स्कूल को लाने वाली मुख्य गली भ्भी शामिल है। फिलहाल काम चल रहा है लेकिन विपक्ष द्वारा ज्यादा हो हल्ला किया जा रहा है।
 
फोटो कैप्शन11एसएफडीएम2.: पानी में हो रही चिनाई का दृश्य।
फोटो कैप्शन11एसएफडीएम3.: गांव में उबड़-खाबड़ पड़ी हुई गली।

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