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गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्त दान दिवस के अवसर पर स्वैच्छिक रक्त दान शिविर का शुभारंभ किया;



शतकीय रक्त दाताओं को सम्मानित किया गया 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज राम मनोहर लोहिया अस्पताल में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्त दान दिवस के अवसर पर स्वैच्छिक रक्त दान शिविर तथा रक्त सुरक्षा संवेदनशीलता कार्यशाला (सबके लिए सुरक्षित रक्त) का शुभारंभ किया। 

इस अवसर पर स्वैच्छिक रक्त दान के महत्व पर बल देते हुए श्री आजाद ने कहा कि भारत बहु-धर्मी और बहु-जातीय देश है। रक्त ऐसे सबसे महत्वपूर्ण एकीकरण कारकों में से है जो हमारे देश को एक रखते हैं। उन्होंने सभी से अपील और अनुरोध किया कि आगे आएं और स्वैच्छिक रूप से रक्त दान करें। रक्त की बढ़ती मांग का उल्लेख करते हुए श्री आजाद ने कहा कि देश में ज्यादा से ज्यादा सुपर स्पेशॅलिटी अस्पताल खुल रहे हैं। छह नए एम्स स्थापित किए गए हैं और 70 सुपर स्पेशॅलिटी अस्पताल केंद्रों को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में शल्य चिकित्साओं की संख्या बढ़ने पर रक्त की मांग भी बढ़ेगी। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हालांकि 1 अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्त दान दिवस के रूप में निर्धारित किया गया है लेकिन 2 अक्तूबर यानी गांधी जयंती को भी स्वैच्छिक रक्त दान दिवस के रूप में मनाया जाता है जो देश भर में सप्ताह भर चलने वाली रक्त दान की अवधि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नाको और रेड क्रास रक्त दान के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और स्वैच्छिक रक्त दान शिविर कुल रक्त संग्रह का 90 प्रतिशत रक्त एकत्र करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। 

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने 100 से अधिक बार रक्त दान करने वाले शतकीय रक्त दाताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर एड्स नियंत्रण विभाग के सचिव श्री लव वर्मा ने युवा वर्ग से अनुरोध किया कि वे नियमित रूप से स्वैच्छिक रूप से रक्त दान करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि यह मिथक मात्र है कि रक्त दान से कमजोरी होती है। एड्स नियंत्रण विभाग की अवर सचिव सुश्री अराधना जोहरी ने कहा कि 2 अक्तूबर को अब से देश भर में रक्त दान शिविर आयोजित किए जाएंगे। 

सुश्री जोहरी ने कहा कि अब देश में 2600 से अधिक रक्त बैंक हैं। इस अवसर पर मिस यूनिवर्स 2012 सुश्री ओलिवा कुलपो भी उपस्थित थी जिन्होंने इस रक्त दान शिविर के आयोजन करने के नाको के कार्य पर प्रसन्नता प्रकट की। 

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