महिला और बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा तीरथ ने आज एशिया और प्रशांत क्षेत्र में बाल अधिकारों के लिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग की दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक का उद्घाटन किया जहां उन्होंने 33 देशों से आए 200 प्रतिनिधियों का स्वागत किया जिसमें एशिया और प्रशांत क्षेत्र से आए 21 मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल थे।
मंत्री महोदया ने कहा कि अगले दो दिनों में विचार विमर्श तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:-
• शिशु विकास
• किशोरावस्था और
• शहरीकरण
मंत्री महोदया ने बच्चों को यौन हमले से बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा 2012 में लागू एक विशेष कानून के संबंध में उपस्थित लोगों को सूचित किया।
इस उच्च-स्तरीय बैठक को महिला और बाल विकास सचिव सुश्री नीता चौधरी और यूनिसेफ के पूर्व निदेशक श्री एंथोनी लेक ने भी संबोधित किया और इस अवसर पर बैठक में विदेश मामलों के मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव श्रीमती सुजाता मेहता, चीन में बाल और महिलाओं के लिए बनी कार्यकारी समिति की निदेशक मदाम सु फेन्गइ और महिला बाल विकास मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा यूनिसेफ और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जैसे एडीबी, सार्क के सदस्य भी शामिल थे।

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