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व्यायाम से भी अनेक रोगों से बचा जा सकता हैः राज्यपाल श्री राम नरेश यादव




भोपाल   राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने आज यहाँ भारतीय एंडोकाइन सोसायटी के 43 वें राष्ट्रीय अधिवेशन (इकॉन-2013)का शुभारंभ करते हुए का कि मधुमेह रोग को नियंत्रण नहीं किया गया तो इस बात का खतरा है कि हमारा देश मधुमेह की राजधानी के रूप में जाना जाने लगे।

इसलिए विषय विशेषज्ञों के लिए आवश्यक है कि वे मधुमेह रोग को जड़ से दूर करने पर विचार करें तथा शोध, अनुसंधान, आपसी विचार-विमर्श और समन्वय से इस गंभीर रोग के निदान के बारे में निर्णायक फैसले लें। जिससे अच्छे परिणाम देखने को मिल सकें।

राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि मधुमेह के अतिरिक्त अन्य हार्मोन्स के रोगों में थायराइड ग्रंथि की व्याधियों से संबंधित रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि सही समय पर उपचार न करने से मधुमेह से अनेक अंग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और सतर्पता से इसके रोगी जीवन शैली में परिवर्तन और औषधियों का उपयोग कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। व्यायाम से भी मधुमेह सहित अनेक रोगों से बचा जा सकता है।

इसके लिए योगाभ्यास भी उपयोगी है। श्री यादव ने कहा कि विकसित देशों में मधुमेह के स्थायी इलाज पर खोज जारी है और गुर्दे के प्रत्यारोपण के साथ-साथ पैढयास प्रत्यारोपण भी किया जा रहा है। भारतीय विशेषज्ञों को भी इस क्षेत्र में शोध और प्रयोग करने की आवश्यकता है। श्री यादव ने आशा व्यत्त की कि देश-विदेश से आये विशेषज्ञों के विचारों के आदान-प्रदान से रोगियों को शीघ्र निदान और उपचार के साधन उपलब्ध हो सकेंगे जिससे उन्हें नया जीवन मिल सकेगा।

आयोजन समिति के सचिव डॉ सुशील जिन्दल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि भारतीय एंडाइन सोसायटी का 43वाँ अधिवेशन आयोजित करने का अवसर प्राप्त हुआ। पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ व्ही.के. पंड्या ने कहा कि चिकित्सकों को इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि गरीब जनता को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। डॉ शुभंकर चौधरी ने सोसायटी द्वारा देश भर में किये जा रहे प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि सोसायटी को देश एवं विदेश के चिकित्सकों का इन रोगों की रोकथाम के लिए किये जा रहे कार्यों के लिए भरपूर सहयोग मिल रहा है। कार्पाम में पूर्व अध्यक्ष डॉ अनिल भंसाली, सोसायटी के अध्यक्ष डॉ जी.आर.श्रीधर, डॉ राकेश शाह, सचिव इ.एस.आई सहित देश-विदेश से आये डाक्टर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

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