ABSLM- 18/02/2015
स्वास्थ्य मंत्रालय कुछ राज्यों में एच1 एन1 के मामलों और उसके कारण होने वाली मौतों पर कड़ी निगरानी रखे हुए है और दवाओं अथवा अन्य किसी चीज की कोई कमी नहीं है। यह जानकारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव श्री बी.पी.शर्मा ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद दी। बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. जगदीश प्रसाद, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. जी.एन.सिंह, डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग, एम्स, लेडी हार्डिंग जैसे प्रमुख सरकारी अस्पतालों और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के प्रतिनिधि मौजूद थे। स्वास्थ्य सचिव ने एच1 एन1 फ्लू से प्रभावित राज्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस समीक्षा की।
स्वास्थ्य सचिव ने एच1 एन1 से प्रभावित विभिन्न राज्यों में सामने आने वाले मामलों और इसके कारण होने वाली मौतों की संख्या और केन्द्र सरकार के अस्पतालों तथा एम्स की तैयारियों की समीक्षा की। डॉ. जगदीश प्रसाद और अपर स्वास्थ्य सचिव डॉ. अरुण पाण्डा ने समिति को तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने कल डॉ. राममनोहर लोहिया का दौरा किया। अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों ने जानकारी दी कि उनके पास स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं और अन्य उपकरण मौजूद है और इस बारे में चिंता की कोई जरूरत नहीं है। बैठक में जानकारी दी गई कि डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में एच1 एन1 जांच के लिए एक नया ओपीडी काम करने लगा है।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मंत्रालय राज्यों से लगातार संपर्क में है। दवाओं, परीक्षण किट, डाइग्नोस्टिक लैब, व्यक्तिगत रक्षा उपकरण मास्क आदि की उपलब्धता की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और टेलीफोन के जरिए लगातार समीक्षा की जा रही है। राज्यों ने इस संबंध में कोई जरूरत नहीं बनाई है। राज्यों को सभी आवश्यक और मांगी गई सहायता प्रदान की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त परीक्षण की सुविधा प्रदान करने के लिए देश भर में आईसीएमआर के अंतर्गत प्रयोगशालाओं की पहचान की गई है। दिल्ली ने एम्स में नई परीक्षण सुविधा शुरू की है। राष्ट्रीय बीमारी नियंत्रण केन्द्र में 24 घंटे एक निगरानी प्रकोष्ठ काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों के दल ने तकनीकी सहायता देने के लिए तेलंगाना, गुजरात और राजस्थान का दौरा किया है। ऐसी ही दो टीमों को मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र भेजा गया है।
राज्यों से कहा गया है कि वे यह बताएं कि किन क्षेत्रों, किस आयु वर्ग और क्षेत्र के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होकर मौत के मुंह में जा रहे हैं। केन्द्र ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के टीकाकरण के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है। जाने-माने डॉक्टरों वाले एक विशेषज्ञ समूह ने एक सलाह जारी की है जिसमें कहा गया है कि इस समय आम जनता को टीका लगाने की सलाह नहीं की जाती है।
दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खुदरा बिक्री की दुकानों/थोक बिक्री वाली दुकानों को मंत्रालय की वेबसाइट www.mohfw.nic.in पर डाल दिया गया है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि उनके पास पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हों। स्वास्थ्य सचिव दवाओं और टीकों के निर्माताओं के साथ कल बैठक करेंगे।
हालांकि राज्यों ने जानकारी दी है कि उनके पास निजी अस्पतालों और क्लीनिकों द्वारा एच1 एन1 जांच के लिए मरीजों से अत्यधिक दाम वसूलने की कोई जानकारी नहीं है। फिर भी उन्हें कहा गया है कि वे सुनिश्चित करें कि निजी अस्पताल लोगों से जांच के लिए अधिक धन न वसूलें।
राज्यों के भीतर आईईसी गतिविधियों की समीक्षा की गई है। राज्यों से कहा गया है कि वे जनहित से जुड़ी जानकारियों का प्रसार करें।
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