abslm-13-फरवरी-2015
सरकार ने 1984 के दंगों की जांच/दोबारा जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। समिति का गठन आईपीएस श्री प्रमोद अस्थाना की अध्यक्षता में किया गया है, जिसमें सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायालय श्री राकेश कपूर और अतिरिक्त डीसीपी (सुरक्षा/प्रधानमंत्री) श्री कुमार ज्ञानेश शामिल होंगे। समिति 6 महीने की अवधि में अपनी रिपोर्ट देगी।
एसआईटी की संदर्भ शर्तें इस प्रकार हैं-
1. 1984 के दंगों के संबंध में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में दायर गंभीर अपराधों की दोबारा जांच करना और उन मामलों की जांच करना, जिन्हें बंद कर दिया गया है। इसके लिए जांच दल संबंधित पुलिस थाने से रिकॉर्ड मंगाकर उनकी जांच कर सकता है और इसके अलावा न्यायमूर्ति जे डी जैन और श्री डी के अग्रवाल समिति की फाइलों को भी मंगाकर आपराधिक मामलों की संपूर्ण जांच के लिए कानून के तहत सभी उपाय कर सकता है।
2. उचित अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर करना, जहां जांच के बाद पर्याप्त सबूत मिले हैं।
न्यायमूर्ति जी पी माथुर समिति की सिफारिशों को मंजूर करने के बाद एसआईटी का गठन किया गया है।

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