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बागवानी मिशन के तहत किसानों को आकर्षक अनुदान सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है

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सिरसा, 25 फरवरी । घटती जोत और बढ़ती जनसंख्या को मद्देनजर रखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेराष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसानों को आकर्षक अनुदान सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।  यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि फल, सब्जियों आदि के उत्पादन के क्षेत्र विस्तार के लिए अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि फलोंं के क्षेत्र की इकाई लागत प्रति परियोजना पर 35 हजार से सवा लाख रुपये तक आती है जिन पर बागवानी विभाग द्वारा 17 हजार से 50 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर, अधिकतम सीमा 4 हैक्टेयर तक अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि संकर सब्जियों की एक इकाई पर 50 हजार रुपये प्रति परियोजना खर्च होने पर 20 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर, अधिकतम सीमा 2 हैक्टेयर  तक अनुदान सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है। सब्जी उत्पादन के लिए इकाई लागत 30 हजार से 45 रुपये प्रति परियोजना पर, 22 हजार 500 से 33 हजार 750 रुपये सामान्य एवं संकर किस्म की सब्जियों के उत्पादन पर अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि मसाले उत्पादन पर इकाई लागत प्रति परियाजना 30 हजार रुपये पर 12 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर, अधिकतम सीमा 4 हैक्टेयर तक अनुदान राशि दी जाती है। इसके अतिरिक्त फूल उत्पादन पर इकाई लागत प्रति परियोजना 40 हजार रुपये से एक लाख रुपये होती है जिन पर 10 हजार रुपये से 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर अधिकतम सीमा 2 हैक्टेयर तक, खुश्बुदार फूलों की इकाई लागत प्रति परियोजना पर 40 हजार से एक लाख रुपये आती है जिन पर 16 हजार से 40 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर, अधिकतम सीमा 4 हैक्टेयर तक अनुदान राशि विभाग द्वारा दी जाती है। उन्होंने बताया कि मश्रुम की खेती के लिए इकाई लागत प्रति परियोजना पर 15 से 20 लाख रुपये तक की होती है जिन पर 6 से 8 लाख मश्रुम उत्पादन कम्पोस्ट इकाई पर अनुदान दिया जाता है। मश्रुम यूनिट प्रति इकाई लागत 30 हजार रुपये प्रति परियोजना पर 27 हजार प्रति इकाई की छूट प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि मश्रुम ट्रै स्पॉन (बीज) सहित 210 रुपये प्रति टै्र पर 110 रुपये से 189 रुपये प्रति ट्रै पर अनुदान दिया जाता है। 
श्रीमती बराड़ ने बताया कि नर्सरी की स्थापना पर इकाई लागत 15 लाख रुपये से 100 लाख रुपये प्रति परियोजना पर 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत, अधिकतम 4 हैक्टेयर क्षेत्र उच्च तकनीक नर्सरी के लिए व एक हैक्टेयर लघु नर्सरी के लिए अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि औषधीय नर्सरी पर इकाई लागत प्रति हैक्टेयर 4 से 20 लाख रुपये तक 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है।  उन्होंनें बताया कि पौध उत्पादन यूनिट पर भी 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जैविक खेती व कृषि में अच्छी कृषि पद्दतियां लागू करने पर 50 प्र्रतिशत, वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित करने पर 40 प्रतिशत अनुदान तथा जैविक प्रमाणीकरण इकाई लागत पर प्रति परियोजना पर 5 लाख रुपये पर 100 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त बॉयो पेस्टीसाईड पर 30 प्रतिशत, जीर्णोदार/ कनोपी प्रबंधन के लिए भी 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। 
    उन्होंने जिला के किसानों से आग्रह किया है कि वे बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला के जिला उद्यान अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।

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