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राज्य सरकार द्वारा किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत आकर्षक अनुदान सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है।

सिरसा, 5 अप्रैल2015

बागवानी को बढ़ावा देने के उद्ेदश्य से राज्य सरकार द्वारा किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के  अंतर्गत आकर्षक अनुदान सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। इस बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त श्री निखिल गजराज ने बताया कि मशीनीकरण एवं औजार कार्यक्रम के तहत बागवानी टै्रक्टर पर ईकाई लागत 3 लाख रुपये प्रति परियोजना तक आती है जो कि 25 से 35 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाती है यानि 75 हजार से एक लाख रुपये अनुदान राशि पर उलपब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि  अनुदान एवं सीमा न्यूनतम अनुदान राशि सामान्य किसानों के लिए और अधिकतम अनुदान राशि अनुसूचित जाति लघु एवं सीमांत किसान तथा महिलाओं के लिए दी जाती है। उन्होंने बताया कि विद्युत मशीन जिस पर ईकाई लागत 20 हजार से 1.5 लाख रुपये प्रति परियोजना आती है। जिसे 8 हजार रुपये से 75 हजार रुपये अनुदान राशि पर प्रति ईकाई दी जाती है। उन्होंने बताया कि टै्रक्टर / विद्युत मशीन द्वारा संचालित उपकरण 20 एचपी से कम पर ईकाई लागत 30 हजार रुपये प्रति परियोजना आती है जिसे 40 से 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अतिरिक्त स्वचालित मशीन जिस पर ईकाई लागत 2 लाख 50 हजार रुपये प्रति परियोजना आती है। जिसे एक लाख से 1.25 रुपये प्रति ईकाई छुट दी जाती है। मैल्चिंग सीट बिछाने की मशीन जिस पर 70 हजार रुपये प्रति ईकाई लागत आती है। जिसे 40 से 50 प्रतिशत अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाई जाती है। पौध संरक्षण उपकरण हस्तचालित / टै्रक्टरचाहित स्प्रै पंप जिस पर 1200 से 1.26 लाख रुपये ईकाई लागत प्रति परियोजना पर आती है जिसे 500 से 63 हजार रुपये प्रति ईकाई पर अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि फसल तुड़ाई उपरांत प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग द्वारा पैक हाऊस के लिए 4 लाख रुपये ईकाई लागत प्रति परियोजना है। जिसे 2 लाख रुपये प्रति ईकाई अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाता है। एकीकृत पैक हाऊस ग्रेडिंग लाईन के लिए 50 लाख रुपये ईकाई लागत प्रति परियोजना है जिसे 35 से 50 प्रतिशत अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि शीत गृह, प्रि-कूलिंग व मोबाईल ईकाई के लिए 15 से 25 लाख रुपये प्रति ईकाई लागत प्रति परियोजना है। जिसे 35 से 50 प्रतिशत अनुदान पर उलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि वातानूकुलित वैन के लिए 26 लाख रुपये प्रति ईकाई लागत प्रति परियोजना है जिसे 35 से 50 प्रतिशत सहायता दर पर उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि फल पकाने वाला चैंबर के लिए एक लाख रुपये प्रति ईकाई लागत प्रति परियोजना है जिसे भी 35 से 50 प्रतिशत सहायता दर पर उपलब्ध करवाया जाता है। प्याज भंडार के लिए 1.75 लाख रुपये प्रति ईकाई लागत प्रति परियोजना है जिसे भी 50 प्रतिशत सहायता दर पर उलपब्ध करवाया जाता है। इसके अतिरिक्त औषधीय पौधो के लिए सुखाने का शैड व गोदाम  के लिए 5 लाख रुपये प्रति ईकाई लागत प्रति परियोजना है जिसे 50 से 100 प्रतिशत अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाया जाता है।  मार्केटिंग बुनियादी सुविधाओं कार्यक्रम के अंतर्गत टर्मिनल बाजार के लिए ईकाई लागत  150 करोड़ रुपये प्रति परियोजना है जिसे 25 से 40 प्रतिशत अनुदान पर उलपब्ध करवाया जाता है। इसके साथ ही थोक बाजार के लिए ईकाई लागत 100 करोड़ रुपये प्रति परियोजना है जिसे 25 से 33 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण बाजार / अपनी मंडी / सीधे मार्केट के लिए ईकाई लागत 25 करोड़ रुपये प्रति परियोजना है जिसे 40 से 50 प्रतिशत सहायता दर पर उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि खुदरा बाजार के लिए ईकाई लागत 15 लाख रुपये प्रति परियोजना है जिसे 35 से 50  प्रतिशत सहायता दर पर उपलब्ध करवाया जाता है। 
    उन्होंने जिला के किसानों से आग्रह किया है कि वे बागवानी को बढ़ावा दें तथा अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी से सम्पर्क करें।

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